इस साल राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं। नए साल के दूसरे दिन शुक्रवार से ही पूरे जोश के साथ तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने चुनाव अभियान की शुरुआत कर दी है। इस अभियान की शुरुआत दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर से हुई।
चुनाव अभियान के पहले दिन ही अभिषेक बनर्जी की सभा में एक बड़ा सरप्राइज देखने को मिला। मुख्य मंच से एक 'क्रॉस रैंप' जुड़ा था। पर किसी राजनैतिक सभा में आखिर रैंप क्यों बनाया गया? इस बात को खुद अभिषेक बनर्जी ने ही स्पष्ट कर दिया।
रैम्प पर करवाया गया 'वॉक'
SIR की वजह से जिन जीवित नागरिकों का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया था और मतदाता सूची में उन्हें 'मृत' बताया गया था, उन सभी लोगों को इस दिन की सभा में आमंत्रित किया गया था। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि इस क्रॉस रैम्प पर उन्हें चलवाया भी गया। विधानसभा चुनावों से पहले खेत-खलिहानों से लेकर गली-मुहल्लों व बूथों पर सबसे ज्यादा SIR के ही चर्चें हो रहे हैं।
इसे ही हथियार बनाकर तृणमूल कांग्रेस अब चुनावी मैदान में उतरने वाली है। इसकी एक झलक शुक्रवार को अभिषेक बनर्जी की सभा में देखने को मिली।
रैम्प पर चलेंगे 'भूत'
मंच पर करीब 15 मिनट का भाषण देने के बाद अभिषेक बनर्जी ने दर्शकों से कहा, "बहुत से लोग सोच रहे हैं कि मैंने यह रैंप क्यों बनाया? हर कोई जानने के लिए बहुत उत्सुक है। है न ऐसा ही? यहां कौन चलेगा?" इसके बाद उन्होंने तीन लोगों को रैंप पर उतारा। अभिषेक बनर्जी ने कहा, "मैं तीन भूतों को रैंप पर चलाऊंगा। आप देखिए।"
तीनों में से एक मणिरुल इस्लाम मुल्लाह, एक हरेकृष्ण गिरी और तीसरी माया दास हैं। इनमें से दो मेटियाबुरूज विधानसभा केंद्र और एक काकद्वीप विधानसभा केंद्र के रहने वाले हैं। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची का मसौदा जारी होने के बाद यह पाया गया कि उसमें इन तीनों को 'मृत' बताया गया है।
भाजपा और चुनाव आयोग पर साधा निशाना
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर एक साथ हमला बोला। उन्होंने कहा, "ऐसे सिर्फ तीन या चार मामले नहीं हैं बल्कि पूरे दक्षिण 24 परगना में 24 लोग ऐसे हैं जो जिंदा हैं लेकिन मतदाता सूची के मसौदा में उन्हें मरा हुआ बताया गया है। क्या आपने कभी मरे हुए लोगों को रैंप पर चलते देखा है? इसीलिए मैंने रैंप बनवाया है। यह एक साजिश है कि बंगाल के लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल न कर सकें। उन्हें मरा हुआ दिखा दिया जा रहा है।"
साथ ही उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, "जब तक हम हैं एक भी व्यक्ति का मताधिकार छीनने नहीं देंगे।"
दुश्मनी निभानी है तो मुझे नोटिस भेजकर दिखाएं
तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि मतदाता सूची के मसौदे के जारी होने से पहले से ही पूरी SIR प्रक्रिया 'बिना किसी योजना' बनाए ही की गई थी। दो दिन पहले ही दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तृणमूल का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मिला था। कुल 10 मांगें रखी गई थीं। अभिषेक बनर्जी ने याद दिलाया कि तृणमूल कांग्रेस SIR प्रक्रिया के दौरान लोगों की परेशानी और आयोग की लापरवाही को हथियार बनाकर तृणमूल कांग्रेस जनसंपर्क तैयार करेगी।
तृणमूल शुरू से ही चुनाव आयोग की मतदाता संशोधनी प्रक्रिया को परोक्ष रूप से केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी का प्रभाव और साजिश होने का दावा कर रही है। अभिषेक बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा, 'एक करोड़ 36 लाख लोगों को नोटिस भेजकर जबरदस्ती बुलाया जा रहा है। अगर भाजपा को दुश्मनी निभानी है तो मुझे नोटिस भेजकर बुलाए, तृणमूल नेताओं को नोटिस भेजकर बुलाएं लेकिन आम लोगों को नोटिस भेजने की उनकी हिम्मत कैसे हुई?
बंगाल न जीत पाने की वजह से इन लोगों ने बंगाल के लोगों के खिलाफ युद्ध का बिगुल फूंक दिया है। क्या उन्हें सबक नहीं सिखाएंगे?' साथ ही SIR प्रक्रिया में खामियों को लेकर फिर से दिल्ली में चुनाव आयोग के ऑफिस जाने का इशारा भी अभिषेक बनर्जी ने किया। तृणमूल सांसद ने कहा, 'आज मैदान में जितने लोग आएं हैं, उनकी बात तो छोड़ ही दे रहा हूं। पटुली से सड़क के दोनों तरफ जो लोग थे उसका एक तिहाई लोग भी दिल्ली चले गए तो ज्ञानेश कुमार-अमित शाह बाढ़ में बह जाएंगे। उन्हें आंखों से नहीं देखा जा सकेगा'