"सब तीर्थ बार बार, गंगासागर एक बार" यदि आपने कभी भी इन पंक्तियों को सुना है या इनकी गहराई को अनुभव किया है, तो आप पहले ही इस स्थान की धड़कन, इसकी महिमा को स्पर्श कर चुके हैं। आप भले ही दूसरे पावन स्थलों का दर्शन कई बार कर चुके हों, पर एक बार गंगासागर का दर्शन जीवन भर के लिए अमूल्य बन जाता है। तीर्थयात्रियों का जत्था गंगासागर की ओर जाने की तैयारी कर रहा है। इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए हर साल पूरे देश से असंख्य तीर्थयात्री गंगासागर में इकट्ठा होते हैं। इसके कारण पूर्व रेल के सियालदह डिवीजन के दक्षिण शाखा में भारी भीड़ का दबाव बनता है। इस साल उस भीड़ के दबाव को संभालने के लिए सियालदह डिवीजन ने ट्रेन के बारे में बड़ी घोषणा की गई है। पिछले साल की तुलना में विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ा दी गई है। रेल ने सुरक्षा की तरफ कड़ी निगरानी रखने की बात कही है। भीड़ संभालने के लिए ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म निर्दिष्ट करने और ढांचागत सुविधाओं में वृद्धि करने जैसी बातें भी बताई गई हैं। 2 जनवरी शुक्रवार को सियालदह के DRM राजीव सक्सेना ने गंगासागर मेले के दिनों में ट्रेन के समय-सारणी और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।
कई विशेष ट्रेनें:
10 से 16 जनवरी तक कई विशेष लोकल ट्रेनें चलाई जाएंगी। 2025 में विशेष ट्रेनों की संख्या 72 थी और 2026 में यह बढ़कर 126 हो गई। इस वर्ष उन दिनों में प्रतिदिन औसतन 18 अतिरिक्त ट्रेनें चलेंगी। नामखाना और काकद्वीप से सियालदह और कोलकाता स्टेशन की दिशा में 56 और इसके विपरीत 70 विशेष ट्रेनें चलेंगी।
किस स्टेशन पर कब विशेष ट्रेनें:
सियालदह से नामखाना की दिशा में विशेष ट्रेनें:
रात 12:01, 01:23, 02:55
सुबह 06:15
दोपहर 02:40
कोलकाता स्टेशन से नामखाना के लिए विशेष ट्रेन
सुबह 07:35, 08:24 और रात 09:30
नामखाना से सियालदह की ओर विशेष ट्रेन
रात 12:07, 01:06, 01:25, 02:52
सुबह 09:10, 11:18 और शाम 06:35
रात 10:10 बजे नामखाना से ट्रेन छोड़ेगी
काकद्वीप से सियालदह की विशेष ट्रेन:
दोपहर 2:16
इसके अलावा, दिनभर इस रूट पर कई और ट्रेनें चलेंगी
अन्य सेक्शनों में भी अतिरिक्त ट्रेनें:
राणाघाट-गेडे सेक्शन के यात्रियों के लिए भी रेलवे ने खुशखबरी दी है। इस रूट पर अतिरिक्त 3 जोड़ी (6) नई ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव दिया गया है
स्पेशल ट्रेनों का स्टॉपेज और रूट:
भारी भीड़ को संभालने के लिए स्पेशल ट्रेनें तेजी से चलेंगी। यानी वे सभी स्टेशनों पर नहीं रुकेंगी।
स्पेशल ट्रेनें मुख्यतः बालिगंज, सोनारपुर, बरुईपुर, लक्ष्मीकांतपुर, निश्चिंदपुर, काकद्वीप और नामखाना स्टेशनों पर रुकेगी।
कोलकाता स्टेशन से छोड़ने के बाद स्पेशल ट्रेनें कोलकाता और मझेरहाट स्टेशनों के बीच सभी स्टेशनों पर रुकेगी।
और क्या कदम उठाए गए हैं ?
भीड़ को नियंत्रित करने और दुर्घटनाओं से बचने के लिए रेलवे की ओर से होल्डिंग एरिया या प्रतीक्षालय पर विशेष जोर दिया गया है।
सियालदह और काकद्वीप स्टेशनों पर कई यात्री प्रतीक्षालय बनाए गए हैं। पेयजल, शौचालय, बैठने की जगह और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था होगी।
सियालदह स्टेशन के 15 और 16 नंबर प्लेटफार्म केवल काकद्वीप और नामखाना ट्रेनों के लिए आवंटित हैं।
पिछले साल की तुलना में महत्वपूर्ण स्टेशनों पर दुगने संख्या में रेलकर्मी और सुरक्षा बल होंगे।