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छत्तीसगढ़ में 26 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, 65 लाख रुपये का था इनाम

आत्मसमर्पण करने वालों में 7 महिलाएं भी शामिल, सुकमा और ओडिशा सीमा क्षेत्रों में सक्रिय थे।

By कौशिक दत्त, Posted by: प्रियंका कानू

Jan 08, 2026 13:56 IST

रायपुर: छत्तीसगढ़ में माओवाद विरोधी अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। हाल ही में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ों के बाद सुकमा जिले में 26 माओवादियों ने हथियार डाल दिए। इन माओवादियों में से 13 पर कुल 65 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पिछले शनिवार को सुकमा के किस्तावर जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 12 माओवादी मारे गए थे। वहीं, बीजापुर में संयुक्त बलों के साथ हुई गोलीबारी में दो अन्य माओवादियों की मौत हुई थी। इन घटनाओं के बाद बुधवार को सुकमा जिले में पुलिस और केंद्रीय बलों के अधिकारियों के सामने 26 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।

सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चौहान ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में सात महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादियों की सशस्त्र शाखा पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) के सक्रिय सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा वे माओवादी संगठन के दक्षिण बस्तर डिवीजन और आंध्र प्रदेश–ओडिशा सीमा डिवीजन से भी जुड़े रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ये सभी माओवादी सुकमा, अबूझमाड़ और ओडिशा सीमा से सटे इलाकों में विभिन्न माओवादी गतिविधियों में शामिल थे।

पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादी महिला नेता लाली उर्फ मुचाकी आयते लखमू भी शामिल है, जिस पर 10 लाख रुपये का इनाम था। लाली वर्ष 2017 में ओडिशा के कोरापुट में हुए IED विस्फोट से जुड़ी थी, जिसमें 14 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। इसके अलावा, आत्मसमर्पण करने वालों में हेमला लखमा भी शामिल है, जो 2020 में सुकमा में हुए माओवादी हमले में शामिल था, जिसमें 17 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बस्तर डिवीजन में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास के लिए सरकार और पुलिस की ओर से ‘लोन वरातु’ और ‘पुना मार्गम’ नामक दो योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के कारण हाल के दिनों में बड़ी संख्या में माओवादी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले इन 26 माओवादियों को भी ‘पुना मार्गम’ योजना के तहत पुनर्वास की सुविधा दी जाएगी। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक देश से माओवाद खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत माओवादियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे संगठन पर दबाव बढ़ा है। हाल ही में तेलंगाना में भी माओवादी नेता बारसे देवा उर्फ बारसे सुक्का उर्फ दर्शन ने आत्मसमर्पण किया था।

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