पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा और केंद्र की मोदी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी धर्म में विश्वास नहीं करती, उसका काम सिर्फ झूठ फैलाने में है।
इस दिन बिना नाम लिए ममता ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की फिर आलोचना की। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘मिस्टर वैनिश कुमार, बंगाल में कोई डिटेंशन कैंप नहीं।’ ममता बनर्जी ने सोमवार को गंगासागर के मुरी गंगा पर बनने वाले सेतु का शिलान्यास किया और इसी दौरान गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर भाजपा, मोदी सरकार और निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जमकर बरसीं। ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा किसी धर्म में विश्वास नहीं करती, उसका काम सिर्फ झूठ फैलाने में है। झूठी है भाजपा और मोदी सरकार। ममता ने कहा कि एसआईआर के दौरान गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को यह साबित करने के वास्ते कतारों में खड़े होने के लिए मजबूर किया गया कि वे वैध मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि हम मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास के दौरान लोगों के साथ हुए 'अमानवीय व्यवहार' और मौतों को लेकर मंगलवार को अदालत में याचिका दायर करेंगे।
ममता बनर्जी ने रखी ‘गंगासागर सेतु' की आधारशिला
इससे पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को सागर द्वीप को जोड़ने के लिए मुरीगंगा नदी पर लगभग पांच किलोमीटर लंबे पुल की आधारशिला रखी। सागर द्वीप पर ही वार्षिक गंगासागर मेला आयोजित किया जाता है।
इस पुल के निर्माण पर 1,670 करोड़ रुपये की लागत आएगी जिसे ‘गंगासागर सेतु’ नाम दिया गया है।
दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित सागर द्वीप पर हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर संगम में स्नान करने और कपिल मुनि मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पश्चिम बंगाल सरकार और निर्माण कार्य का ठेका पाने वाली कंपनी ‘लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड’ (एलएंडटी) के बीच दस्तावेजों का औपचारिक आदान-प्रदान किया गया। अधिकारियों ने बताया कि उम्मीद है कि पुल का निर्माण दो वर्षों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
फिलहाल सागर द्वीप तक केवल नौका सेवाओं के माध्यम से पहुंचना संभव है, जो गंगासागर मेले के दौरान तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ और ज्वार-भाटे की स्थिति के कारण अक्सर बाधित हो जाती हैं।
जहां गंगासागर मेला लगता है, गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर सागर द्वीप में स्थित है। मुख्यमंत्री लंबे समय से मांग कर रही हैं कि इस वार्षिक मेले को केंद्र सरकार 'राष्ट्रीय मेला' घोषित करे, क्योंकि इसमें देश भर और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों से लाखों श्रद्धालु आते हैं। सोमवार को अपनी गंगासागर यात्रा के दौरान ममता बनर्जी कपिल मुनि मंदिर का दर्शन किया और मेले की तैयारियों की समीक्षा भी की।
गंगासागर पहुंचने लगे तीर्थयात्री
तीर्थयात्री संगम पर स्नान के बाद कपिल मुनि मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। मकर संक्रांति पर होने वाली भारी भीड़ से बचने के लिए कई तीर्थयात्रियों ने पहले ही मंदिर में दर्शन और संगम पर पवित्र स्नान शुरू कर दिया है। साधु-संत भी डेरा डालना शुरु कर दिया है।