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गंगासागर मेला: रेलवे की क्या और कैसी है तैयारी ?

By लखन भारती

Jan 10, 2026 19:37 IST

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सागरद्वीप में हर साल आयोजित होने वाला गंगासागर मेला लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है जो गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्नान करने के लिए एकत्रित होते है। इस पवित्र अवधि के दौरान, आमतौर पर शांत रहने वाला सागरद्वीप एक जीवंत “लघु भारत” में परिवर्तित हो जाता है। जहाँ विभिन्न क्षेत्रों, भाषाओं और संस्कृतियों से आए तीर्थयात्री एक साझा आध्यात्मिक उद्देश्य के साथ एकत्रित होते है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए, कोलकाता/हावड़ा/सियालदह पहुँचने और काकद्वीप एवं नामखाना स्टेशनों के रास्ते सागरद्वीप की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों की सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दावे के मुताबिक पूर्व रेलवे ने व्यापक व्यवस्थाएँ की है। ये उन्नत सुविधाएँ, यात्री-सुविधाएँ एवं अतिरिक्त रेल सेवाएँ 10 जनवरी से 16 जनवरी, 2026 तक मेला की चरम भीड़ अवधि के दौरान प्रभावी रहेंगी।

रेलवे अधिकारियों की निगरानी में रेलवे सहायता बूथ एवं रेलवे स्वयंसेवक हावड़ा, सियालदह, मेट्रो प्रवेश बिंदुओं, नामखाना, काकद्वीप तथा अन्य अधिक भीड़ वाले स्थानों पर 24x7 कार्यरत रहेंगे। स्वच्छता और साफ-सफाई: सियालदह, हावड़ा, नामखाना, काकद्वीप एवं अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के लिए स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर वातावरण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्वच्छता उपाय लागू किए गए है।

कोलकाता मेट्रो के साथ सुगम आवागमन: यात्रियों की सहज आवाजाही के लिए मेला अवधि के दौरान हावड़ा और सियालदह के बीच कोलकाता मेट्रो द्वारा विशेष अतिरिक्त सेवाएँ चलाई जाएंगी. इससे हावड़ा पहुँचने वाले श्रद्धालु मात्र 10 मिनट में सियालदह पहुँचकर नामखाना एवं काकद्वीप जाने वाली ट्रेनों में चढ़ सकेंगे।

सियालदह से विशेष ट्रेनें: यात्रियों की आवश्यकता के अनुसार सियालदह से नामखाना एवं काकद्वीप की ओर विशेष ट्रेनें चलाई जाएँगी, ताकि तीर्थयात्रियों की अतिरिक्त यात्रा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

उन्नत टिकट बुकिंग सुविधाएँ: सियालदह, हावड़ा, काकद्वीप एवं नामखाना पर अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले जाएंगे। इसके अतिरिक्त, बी.बी.डी. बाग, ईडन गार्डेन्स और प्रिंसेप घाट स्टेशनों पर हैंडहेल्ड टिकटिंग टर्मिनल भी उपलब्ध होंगे। देश के विभिन्न हिस्सों से सड़क मार्ग द्वारा आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए बाबूघाट बस स्टैंड पर भी एक हैंडहेल्ड टर्मिनल लगाया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था: यात्रियों की सुरक्षा एवं किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम के लिए प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त आरपीएफ कर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिन्हें सीसीटीवी निगरानी का समर्थन प्राप्त होगा।

संकेतक (साइनज): प्रमुख स्टेशनों पर स्पष्ट एवं प्रमुख संकेतक लगाए जाएँगे, जिससे श्रद्धालु आसानी से अपनी निर्धारित ट्रेनों में सवार हो सके।

बहुभाषी उद्घोषणाएँ: यात्रियों की सुविधा के लिए प्रमुख स्टेशनों पर अंग्रेज़ी, बंगाली और हिंदी में नियमित उद्घोषणाएँ एवं दिशा-निर्देशक संकेतक उपलब्ध कराए जाएंगे।

चिकित्सीय सहायता: सियालदह, हावड़ा, नामखाना एवं काकद्वीप पर प्राथमिक उपचार इकाइयाँ, व्हीलचेयर, स्ट्रेचर तथा मेडिकल बूथ उपलब्ध रहेंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके. रेलवे अधिकारी चौबीसों घंटे स्थिति की निगरानी करेंगे, ताकि परिचालन सुचारु रहे और यात्रियों को अधिकतम सुविधा मिल सके।

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