कोलकाताः पौराणिक मान्यताओं और मोक्ष की तीव्र इच्छा से गंगासागर में लोग खींचे चले जाते हैं। मूल वजह, उनकी आस्था, हौसला और भावनाएं। यही नहीं तीर्थयात्रियों को कुंभ मेले से भी बेहतर व्यवस्था गंगासागर में दिखती रही है। पिछले साल कुंभ के मेले में भगदड़ में हुई मौत के बावजूद भारी संख्या में देश-विदेशों से तीर्थयात्रियों का जत्था तेजी से गंगासागर की ओर बढ़ रहा है। कोलकाता के बाबुघाट स्थित आउट्राम घाट(मोहन बगान ग्राउंड) में तीर्थयात्रियों के लिए मेले के आयोजन से पहले लगने वाले शिविर में भारी संख्या में तीर्थयात्रियों का समूह पहुंच रहे हैं। एई समय समाचार से हुई बातचीत में तीर्थयात्रियों ने साफ तौर पर कहा कि कुंभ में हुई भगदड़ और तीर्थयात्रियों की हुई मौत से वे डरे हुए जरूर हैं लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार और दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन की बेहतर व्यवस्था से उनके मन के अंदर का भय खत्म हो गया है। शिविर में पहुंचने के बाद उन्हें जब पता चला कि हर बार की तुलना में इस बार गंगासागर मेले में सरकार और प्रशासन की अच्छी व्यवस्था और सक्रियता और ज्यादा हो गई है तो उनका हौसला और भी बुलंद हो गया। आउट्रामघाट में लगभग 60 सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन सारे शिविरों में हजारों की संख्या में तीर्थयात्रियों का डेरा जमा हुआ है। इनमें से गोरखपुर नागरिक संघ है। इस संघ के शिविर में लगभग सौ तीर्थयात्री पनाह लिए हुए हैं। इसी शिविर में ठहरे हैं बिहार के कई तीर्थयात्री। तीर्थयात्री इकबाल महतो, लीलावती देवी, कलावती देवी ने बताया कि बंगाल में न सिर्फ कपिलमुनि बाबा की कृपा है बल्कि मां काली और मां दुर्गा की भी कृपा बनी रहती है। इसी के साथ तीर्थयात्रिय़ों का यह भी कहना है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हस्तक्षेप से गंगासागर में जो इंतजाम किये जाते हैं, ऐसे में हादसे होने का कोई गुंजाइस नहीं है। तीर्थयात्रियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। गोरखपुर नागरिक संघ के सचिव सुधाकर तिवारी ने बताया कि उनके शिविर में ऐसे कई तीर्थयात्री पहुंचे हुए हैं जो हर साल आते हैं और गंगासागर में डुबकी लगाकर कोलकाता के धार्मिक स्थलों में जाकर पूजा अर्चना करते हैं, उसके बाद ही वे अपने गांव की ओर निकल जाते हैं। वैसे भी दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन की ओर से गंगासागर तीर्थयात्रियों के लिए यह हेल्पलाइन नंबर(1800-532-5328) जारी किया गया है
पतित पावनी गंगा और सिंधु नरेश के मिलन स्थल पर मकर संक्रांति के पावन अवसर पर लाखों तीर्थयात्री मोक्ष की कामना लिए पुण्य डुबकी लगाएंगे।