बेंगलुरु: 4 जून 2025 को आईपीएल खिताब जीतने के बाद आरसीबी ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में ट्रॉफी सेलिब्रेशन आयोजित किया था। खराब योजना और भीड़ नियंत्रण की कमी के चलते हालात बेकाबू हो गए और भगदड़ मच गई। जांच रिपोर्ट में कर्नाटक सरकार ने इस घटना के लिए आरसीबी को जिम्मेदार ठहराया था और यह भी कहा गया था कि आयोजन के लिए जरूरी सरकारी अनुमति नहीं ली गई थी। इस घटना के बाद न सिर्फ आईपीएल बल्कि विजय हजारे ट्रॉफी, विमेंस वर्ल्ड कप और आगामी टी-20 वर्ल्ड कप के कुछ मैच भी बेंगलुरु से बाहर शिफ्ट करने पड़े।एक
आधिकारिक पत्र के जरिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में 300 से 350 एआई-सक्षम कैमरे लगाने का प्रस्ताव दिया है। इस उन्नत निगरानी तकनीक से केएससीए और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भीड़ की आवाजाही को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने, अनुशासित कतार व्यवस्था सुनिश्चित करने, प्रवेश और निकास की रियल टाइम निगरानी के जरिए अनधिकृत प्रवेश पर नजर रखने और दर्शकों की सुरक्षा को काफी हद तक मजबूत करने में मदद मिलेगी।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, समाधान वीडियो, ऑडियो और टेक्स्ट डेटा के उन्नत विश्लेषण पर आधारित है, जिससे जांच प्रक्रिया तेज होगी और निर्णय अधिक सटीक व शीघ्र लिए जा सकेंगे। रियल टाइम एआई वीडियो एनालिटिक्स की मदद से हिंसा, अनधिकृत प्रवेश और घुसपैठ जैसी घटनाओं की शुरुआती पहचान संभव होगी, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियां तुरंत और प्रभावी कार्रवाई कर सकेंगी। आरसीबी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस पहल की पूरी एकमुश्त लागत वह स्वयं वहन करेगा, जिसकी अनुमानित राशि लगभग 4.5 करोड़ रुपये है।
आरसीबी ने इस परियोजना के लिए स्टैक नामक तकनीकी कंपनी के साथ साझेदारी की है, जिसका सार्वजनिक सुरक्षा को स्वचालन और डेटा आधारित खुफिया प्रणाली के जरिए मजबूत करने का सिद्ध रिकॉर्ड रहा है। स्टैक की अत्याधुनिक फेशियल रिकग्निशन तकनीक और वस्तुओं, भीड़, परिसीमा और वाहनों की बुद्धिमान निगरानी प्रणाली कई राज्य पुलिस बलों को उनकी नियमित निगरानी और जांच में मदद कर चुकी है। इस उन्नत तकनीक के एकीकरण से भीड़ प्रबंधन के मानक ऊंचे होंगे और सभी दर्शकों के लिए सुरक्षित, संरक्षित और निर्बाध मैच अनुभव सुनिश्चित किया जा सकेगा।