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‘खजूर का रस ना पिएं…’, निपा वायरस का अलर्ट, जिला स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी जारी की

बारासात के अस्पताल में दो नर्सों और एक चिकित्सक में निपा वायरस के लक्षण पाए गए, 22 अन्य को क्वारंटीन किया गया।

By कौशिक भट्टाचार्य, Posted by: श्वेता सिंह

Jan 14, 2026 19:51 IST

पश्चिम मिदनापुरः ठंडी सुबह में खजूर का रस पीना शरीर और मन को राहत देता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने चेताया है कि फिलहाल खजूर का रस 'निपा वायरस' का खतरा लेकर आ सकता है। जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी सौम्यशंकर षड़ंगी ने कहा है कि खजूर का रस, ताड़ के पेड़ का रस, आधा खाया हुआ या गिरा हुआ फल किसी भी हालत में नहीं पीना या खाना चाहिए। कच्चे फल खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोना जरूरी है।

सौम्यशंकर ने बताया कि सोमवार को बारासात के एक अस्पताल में दो नर्सों में निपा वायरस के लक्षण पाए गए। उन्हें फिलहाल आईसीयू और आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। इसके अलावा, एक चिकित्सक को भी निपा वायरस के लक्षण दिखने पर भर्ती कराया गया। इस मामले में अब तक 22 अन्य लोगों को क्वारंटीन किया गया है।

मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि निपा वायरस मुख्य रूप से उड़ने वाले चमगादड़ के माध्यम से फैलता है। इसलिए ऊंचे पेड़ों पर लगे फल और आधा खाया हुआ फल न छूना चाहिए। उन्होंने लोगों से कहा कि कोरोना की तरह भीड़ से बचें और मास्क पहनें।

सौम्यशंकर ने वायरस से बचाव के उपाय भी बताए। उनका कहना है कि खजूर के पेड़ का रस, ताड़ का रस और आधा खाया हुआ या काटा हुआ फल किसी भी हालत में नहीं खाया जाए। कच्चे फल खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोना आवश्यक है।

निपा वायरस के संभावित लक्षणों में तेज बुखार, जोरदार सिरदर्द, उल्टी या मिचली, सांस लेने में कठिनाई, खांसी या सर्दी, तंत्रिका संबंधी दर्द, मुंह और चेहरे की मांसपेशियों का सिकुड़ना और बोलने में कठिनाई शामिल हैं। इन लक्षणों में से कोई भी दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचना जरूरी है। सौम्यशंकर ने कहा कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, सतर्क रहना ही सबसे महत्वपूर्ण है।

भारत सरकार के नेशनल सेंटर फॉर डिज़ीज कंट्रोल ने निपा वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया है और नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है। यह टीम पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय करके संक्रमण को रोकने का काम करेगी। इस टीम में कल्याणी और भुवनेश्वर AIIMS, पुणे NIV के डॉक्टर समेत कुल पांच विशेषज्ञ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने भी निपा वायरस के हालात पर चर्चा की है। स्वास्थ्य अधिकारी सौम्यशंकर ने कहा, “सतर्क रहना फिलहाल एकमात्र उपाय है। डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।”

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