मुंबई: मुंबई के प्रतिष्ठित इस्लाम जिमखाना में सियाराम्स ब्लाइंड क्रिकेट टूर्नामेंट के 12वें संस्करण का औपचारिक शुभारंभ हुआ। यह आयोजन समावेशी खेलों को बढ़ावा देने और दृष्टिबाधित खिलाड़ियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, टूर्नामेंट के पहले दिन एक बेहद प्रतिस्पर्धी उद्घाटन मुकाबला खेला गया, जिसने पूरे आयोजन के लिए प्रेरणादायक माहौल तैयार किया। देशभर से आए दृष्टिबाधित क्रिकेटरों ने अपने असाधारण कौशल, जज्बे और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। राज्य में चल रहे चुनाव प्रचार के बावजूद इस आयोजन को मीडिया का जबरदस्त समर्थन मिला। प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े बड़ी संख्या में पत्रकारों ने पूरे उत्साह के साथ टूर्नामेंट को कवर किया। उनकी मौजूदगी ने ब्लाइंड क्रिकेट को समावेशन और सामाजिक प्रभाव के एक सशक्त मंच के रूप में बढ़ती पहचान को रेखांकित किया।
इस अवसर पर सियाराम्स के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) श्री रमेश पोद्दार ने कहा कि सियाराम्स में हमारा दृढ़ विश्वास है कि सच्चा राष्ट्र निर्माण समावेशन और समान अवसरों से होता है। ब्लाइंड क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि एक आंदोलन है, जो दृष्टिबाधित लोगों में आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और दृढ़ संकल्प पैदा करता है। हमें गर्व है कि हम इस टूर्नामेंट का समर्थन कर रहे हैं और इन असाधारण खिलाड़ियों के साथ खड़े हैं, जो अपने साहस और समर्पण से समाज को प्रेरित करते हैं। उद्घाटन मुकाबला और समारोह ने एकता और संकल्प की भावना को दर्शाया और इस विश्वास को मजबूत किया कि खेल सीमाओं से परे जाकर सार्थक बदलाव ला सकते हैं।
अपना आभार व्यक्त करते हुए ब्लाइंड वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन, नासिक के निदेशक श्री अर्जुन ने कहा “मैं हमारे सीएमडी श्री रमेश जी पोद्दार का दिल से धन्यवाद करता हूं, जिनकी सक्रिय भागीदारी, निरंतर प्रेरणा और अटूट समर्थन ने ब्लाइंड खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का हौसला दिया है। उनका प्रोत्साहन दृष्टिबाधित खिलाड़ियों को आत्मविश्वास, गरिमा और गर्व के साथ खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।”
यह टूर्नामेंट आने वाले दिनों तक जारी रहेगा और दृष्टिबाधित क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा, साथ ही जागरूकता, समावेशन और सामाजिक जिम्मेदारी को भी बढ़ावा देगा। ब्लाइंड क्रिकेट के प्रति सियाराम्स का निरंतर समर्थन समुदायों को सशक्त बनाने और खेल के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा देने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।