नई दिल्ली: विराट कोहली और श्रेयस अय्यर की बड़ी पारियों के दम पर भारत ने पहले वनडे में न्यूजीलैंड को हराया। बुधवार को होने वाले दूसरे वनडे में भी सभी की नजरें उन पर होंगी लेकिन चर्चा का केंद्र बन गए हैं वॉशिंगटन सुंदर की जगह टीम में शामिल किए गए आयुष बदोनी। इस फैसले के बाद कई लोगों ने दावा किया कि हेड कोच गौतम गंभीर के पसंदीदा होने की वजह से ही बदोनी को मौका मिला है। वहीं, फॉर्म में चल रहे देवदत्त पडिक्कल को नजरअंदाज किए जाने पर भी सवाल उठे। अब इस पूरे मुद्दे पर भारत के बैटिंग कोच सीतांशु कोटक ने खुलकर बात की है और साथ ही दूसरे वनडे में बदोनी के डेब्यू के संकेत भी दिए हैं।
आयुष बदोनी को मौका क्यों मिला?
बैटिंग कोच सीतांशु कोटक का कहना है कि गौतम गंभीर हमेशा स्क्वाड में ऑलराउंडरों को तरजीह देते हैं। दाएं हाथ के बल्लेबाज आयुष बदोनी न सिर्फ बल्लेबाजी करते हैं बल्कि अच्छी ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं। इसके अलावा इंडिया ‘A’ टीम के लिए शानदार प्रदर्शन और आईपीएल में प्रभावशाली खेल के चलते उन्हें राष्ट्रीय टीम में चुना गया है। इसी वजह से वॉशिंगटन सुंदर के उपयुक्त विकल्प के तौर पर बदोनी को बुधवार के मैच की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है।
इस बारे में कोटक ने कहा कि आयुष ने इंडिया ‘A’ टीम के लिए वनडे मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है। स्क्वाड में किसे रखना है, यह चयनकर्ताओं का फैसला होता है लेकिन जब वॉशिंगटन सुंदर टीम में नहीं होते, तो सिर्फ पांच गेंदबाजों के साथ उतरना जोखिम भरा हो सकता है। पिछले मैच में ही देख लीजिए—अगर टीम में केवल पांच गेंदबाज होते, तो वॉशिंगटन के चोटिल होने के बाद बचे हुए ओवर कौन डालता? इसलिए छठे गेंदबाज का विकल्प होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा कि टीम को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत होती है जो जरूरत पड़ने पर 3 से 4 ओवर एवं 5 ओवर तक गेंदबाजी कर सकें। आयुष बदोनी के नाम इंडिया ‘A’ टीम के लिए दो अर्धशतक हैं, वे ऑफ स्पिन भी कर सकते हैं और आईपीएल तथा सफेद गेंद के क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा है। इसी कारण बुधवार को वॉशिंगटन की जगह नितीश कुमार रेड्डी के बजाय आयुष बदोनी को मौका मिलने की संभावना ज्यादा है।