नई दिल्ली: विराट कोहली सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेल रहे हैं इसलिए जब भी वह मैदान में उतरते हैं, उम्मीदें आसमान छूने लगती हैं। इन उम्मीदों का दबाव झेलते हुए विराट लगातार रन बना रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने 135, 102 और 65* रन बनाए थे। वडोदरा में 93 रन की पारी खेली। अक्टूबर से देखें तो सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी मैच में 74* रन बनाए। यानी विराट अपने पिछले पांचों वनडे मैचों में अर्धशतक से आगे गए हैं। वनडे में सबसे ज्यादा शतक (53) लगाने के मामले में विराट दुनिया में नंबर एक पर हैं। आज राजकोट में उनके फैंस उनसे एक शतक की उम्मीद कर रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज खत्म होने के बाद भारत अगला वनडे जुलाई में इंग्लैंड में खेलेगा। यानी आगे लंबा ब्रेक है। यही स्थिति रोहित शर्मा की भी है। वडोदरा में वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए थे, सिर्फ 26 रन बने थे। स्वाभाविक रूप से बाकी दो मैचों में उनसे भी रन की उम्मीद होगी।
अब टीम इंडिया की नजर टी-20 वर्ल्ड कप पर है। वनडे कप्तान के रूप में शुभमन गिल इस सीरीज में लौटे हैं लेकिन वह टी-20 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा नहीं हैं। इसी तरह 2024 वर्ल्ड कप के बाद टी-20 से संन्यास ले चुके विराट, रोहित और जडेजा भी इस फॉर्मेट में नहीं खेलेंगे। टी-20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या को इस सीरीज में आराम दिया गया है। वहीं तिलक वर्मा और वॉशिंगटन सुंदर की चोट ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है। दोनों ही वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं। वॉशिंगटन के विकल्प के तौर पर टीम में आयुष बदोनी को शामिल किया गया है। 27 वर्षीय दिल्ली के ऑलराउंडर ने विजय हजारे ट्रॉफी में तीन मैचों में 4 विकेट लिए हैं। वह मुख्य रूप से बल्लेबाज हैं लेकिन जरूरत पड़ने पर कुछ ओवर ऑफ स्पिन भी डाल सकते हैं। आज राजकोट में उनका वनडे डेब्यू हो सकता है। हालांकि टीम वॉशिंगटन की जगह नितीश कुमार रेड्डी को भी मौका दे सकती है।
पहले मैच में अर्शदीप सिंह को मौका नहीं मिला था, उनकी जगह प्रसिद्ध कृष्णा खेले थे। इस मैच में अर्शदीप को प्लेइंग इलेवन में देखा जा सकता है। मोहम्मद सिराज ने वनडे टीम में वापसी के बाद खराब प्रदर्शन नहीं किया है। इसके अलावा तेज गेंदबाज़ों में हर्षित राणा भी हैं, जिन्हें टीम एक ऑलराउंडर के रूप में देखना चाहती है। वडोदरा मैच के बाद खुद हर्षित ने यह बात कही थी। कीवी टीम में कई सीनियर खिलाड़ी नहीं हैं, फिर भी उन्होंने वडोदरा में 300 रन बना दिए थे। डेरिल मिचेल शानदार फॉर्म में हैं। तेज गेंदबाज़ों में काइल जैमीसन पर नजर रहेगी।
राजकोट की पिच आमतौर पर फ्लैट रहती है। ज्यादातर टीमें टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना पसंद करती हैं क्योंकि ओस का असर रहता है। हालांकि इस समय राजकोट में ओस ज्यादा नहीं पड़ती। माना जा रहा है कि यहां 350+ स्कोर की उम्मीद की जा सकती है। न्यूजीलैंड के पास इस मैच में सीरीज बराबर करने का मौका है। पहले मैच में उन्होंने 300 रन बनाए थे, जिससे साफ है कि सीनियर खिलाड़ियों के बिना भी इस टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता।