नई दिल्ली: आईएसएल का नया चार्टर सोमवार को क्लबों और फेडरेशन के बीच हुई बैठक में मंजूर कर लिया गया। इस चार्टर के मुताबिक, लीग के संचालन के लिए जिन दो समितियों का गठन किया जाएगा, उनमें क्लब प्रतिनिधियों की संख्या अधिक होगी। आईएसएल से जुड़ी सभी नीतियां अब गवर्निंग काउंसिल तय करेगी। इस काउंसिल में कुल 22 सदस्य होंगे, जिनमें 14 प्रतिनिधि होंगे आईएसएल क्लबों के। इनके अलावा एआईएफएफ (AIFF) के तीन प्रतिनिधि, अध्यक्ष या महासचिव, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष शामिल होंगे।
इसके साथ ही मार्केटिंग पार्टनर के तीन प्रतिनिधि होंगे और दो स्वतंत्र सदस्य शामिल किए जाएंगे। इन दो स्वतंत्र सदस्यों में से एक को फेडरेशन और एक को क्लबों का समूह चुनेगा। इस काउंसिल के चेयरपर्सन पदेन रूप से एआईएफएफ के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष होंगे। यदि किसी नीति को लेकर मतभेद होता है, तो उसका फैसला मतदान के जरिए किया जाएगा। इस स्थिति में स्पष्ट रूप से क्लबों का समूह बहुमत में रहेगा।
आईएसएल को नियमित रूप से चलाने के लिए एक मैनेजमेंट कमिटी भी बनाई जा रही है। इसमें 14 क्लब आपस में से 5 प्रतिनिधि चुनेंगे। फेडरेशन की ओर से सचिव या डिप्टी सचिव, हेड ऑफ कॉम्पिटिशन और हेड ऑफ स्ट्रैटेजी शामिल होंगे। इसके अलावा मार्केटिंग पार्टनर के तीन प्रतिनिधि भी होंगे। बैठक में लीग के शेड्यूल पर भी फैसला लिया गया। आईएसएल का नया सीज़न 14 फरवरी से शुरू होकर 17 मई तक चलेगा। मुकाबले सप्ताह में चार दिन, गुरुवार से रविवार तक खेले जाएंगे। अगर एक ही मैच होगा तो वह शाम 7:30 बजे शुरू होगा। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को दो-दो मैच होंगे—पहला मैच शाम 5 बजे से खेला जाएगा। इस बीच, इंटर काशी क्लब ने घरेलू मैचों के आयोजन में परेशानी का हवाला देते हुए अपने सभी मुकाबले अवे खेलने की इच्छा जताई है।