कोलकाता : सांसद से लेकर पूर्व विधायक, नोबेल पुरस्कार विजेता, देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी कोई भी SIR की सुनवाई से बाहर नहीं है। अब इस सूची में स्वपन साधन बोस (टुटु) और उनके बेटे सृंजय बोस का नाम भी जुड़ गया है। इतना ही नहीं उनके पूरे परिवार को SIR की सुनवाई में बुलाया गया है। बोस परिवार के सदस्यों को 19 जनवरी को उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
बंगाली फुटबॉल में टुटु बोस एक अध्याय हैं। वे मोहनबागान के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। साथ ही वे राज्यसभा के पूर्व सांसद भी हैं। उनके पुत्र सृंजय बोस के मामले में भी यही स्थिति है। वे भी पूर्व सांसद हैं और वर्तमान में मोहनबागान क्लब के सचिव हैं। उन्हें सुनवाई के लिए बुलाए जाने से कई लोग स्तब्ध हैं।
अमर्त्य सेन, आलोक मुखोपाध्याय, तरुण डे, मेहताब हुसैन, मोहम्मद शमी, लक्ष्मीरतन शुक्ला जैसे बंगाल के विशिष्ट व्यक्तियों को पहले ही चुनाव आयोग सुनवाई के लिए बुला चुका है। आयोग का कहना है कि जिन लोगों के दस्तावेजों में तथ्यात्मक असंगति या तार्किक विसंगति पाई गई है सभी को नोटिस भेजा जाएगा। इसी संदर्भ में टुटु बोस का नाम सामने आया है।
12 जनवरी सोमवार को रानी रश्मणि रोड पर भवानीपुर क्लब के सामने पूर्व फुटबॉल खिलाड़ियों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि SIR के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। मानस भट्टाचार्य, आलोक मुखोपाध्याय, कॉम्पटन दत्त जैसे पूर्व खिलाड़ियों के साथ-साथ कई नए फुटबॉलर भी मौजूद थे। सभी का दावा था कि दो साल का काम दो महीने में करने की कोशिश में चुनाव आयोग आम लोगों को परेशान कर रहा है। साथ ही उनका कहना था कि जिन्होंने देश के लिए पसीना बहाया है उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
इस मुद्दे पर तृणमूल के एक प्रवक्ता ने नाराजगी जताते हुए BJP और चुनाव आयोग पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि टुटु बोस अस्वस्थ हैं व्हीलचेयर के बिना चल नहीं सकते और अब उन्हें यह साबित करना पड़ेगा कि वे नागरिक हैं।