चेन्नईः बम निगल लेने से दो साल के एक हाथी के बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना कुछ दिन पहले तमिलनाडु के सत्यमंगलम टाइगर रिज़र्व में हुई। इस मामले में संलिप्तता के संदेह में एक स्थानीय किसान को गिरफ्तार किया गया है। वन विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि हाथियों के झुंड को भगाने के लिए उनके आने-जाने के रास्ते में बम रखा गया था। जंगली फल समझकर उसे खा लेने के कारण यह हादसा हुआ।
जंगल में गश्त के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने हाथी के बच्चे का शव बरामद किया। उन्होंने देखा कि उसके सूंड और मुंह के पास भारी रक्तस्राव के निशान थे। तुरंत पशु चिकित्सक को सूचना दी गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने बताया कि बम निगलने और उसके फटने के कारण ही हाथी की मौत हुई।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कई बार हाथियों के झुंड जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाकों में घुस आते हैं। खेतों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए कुछ किसान हाथियों के रास्तों में बम रख देते हैं। ऐसा ही एक बम जंगली फल समझकर निगल लेने से यह हाथी हादसे का शिकार हो गया। इस मामले में कालिमुथु (43) नामक एक स्थानीय किसान को गिरफ्तार किया गया है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 2024 में केरल में भी इसी तरह की एक घटना हुई थी। जंगली सूअरों को भगाने के लिए एक किसान ने कद्दू के भीतर बम छिपाकर रखा था। उसे खाते समय बम 15 साल के एक हाथी के मुंह में फट गया। हाथी को नंदनकानन चिड़ियाघर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी मौत हो गई।