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केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गृह मंत्रालय सख्त, राज्यों से समय पर आईपीएस नामांकन की मांग

राज्यों को चेतावनी दी गई है कि चयन के बाद अधिकारियों के नाम वापस न लिए जाएं और न ही उन्हें केंद्र में कार्यभार संभालने से रोका जाए।

By डॉ. अभिज्ञात

Jan 14, 2026 16:54 IST

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आईपीएस अधिकारियों के नाम समय पर और पर्याप्त संख्या में भेजें। मंत्रालय का कहना है कि नामांकन कम होने के कारण केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों में कई अहम पद खाली रह जा रहे हैं।

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पुलिस अधीक्षक से लेकर पुलिस महानिदेशक स्तर तक की रिक्तियों को भरने के लिए केंद्र को विभिन्न रैंकों के आईपीएस अधिकारियों की जरूरत है। इस संबंध में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजा गया है।

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पत्र में कहा है कि राज्य सरकारें नामांकन इस तरह भेजें, जिससे हर स्तर के अधिकारियों का संतुलित प्रतिनिधित्व हो सके और सभी योग्य अधिकारियों को केंद्र में काम करने का मौका मिले। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि हर कैडर में वरिष्ठ पदों का 40 प्रतिशत हिस्सा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आरक्षित होता है।

हालांकि गृह सचिव ने चिंता जताई कि कई राज्य पर्याप्त नाम नहीं भेज रहे हैं। अक्सर देखा गया है कि राज्य केवल वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम भेजते हैं, जबकि पुलिस अधीक्षक से लेकर महानिरीक्षक स्तर तक के अधिकारियों के नाम प्रस्तावित नहीं किए जाते।

मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि वर्ष 2026 के लिए ‘ऑफर लिस्ट’ में पात्र आईपीएस अधिकारियों के नाम प्राथमिकता के आधार पर भेजे जाएं। साथ ही यह भी बताया गया है कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से जुड़े सभी नियम वर्ष 2010 की कार्यकाल नीति में पहले से तय हैं।

पत्र के साथ भेजे गए परिशिष्ट में राज्यों को चेतावनी दी गई है कि चयन के बाद अधिकारियों के नाम वापस न लिए जाएं और न ही उन्हें केंद्र में कार्यभार संभालने से रोका जाए। ऐसा करने से नियुक्ति प्रक्रिया में देरी होती है और पूरी व्यवस्था प्रभावित होती है। यदि कोई अधिकारी नियुक्ति आदेश मिलने के एक महीने के भीतर केंद्र में कार्यभार ग्रहण नहीं करता-चाहे उसकी अपनी इच्छा से या राज्य द्वारा उसे मुक्त न करने के कारण तो उसे पांच साल के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वंचित किया जा सकता है। एक बार नाम ऑफर लिस्ट में आने के बाद अधिकारी को पूरे साल उपलब्ध रखा जाना चाहिए।

मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि जिन अधिकारियों की अनिवार्य ‘कूलिंग-ऑफ’ अवधि पूरी नहीं हुई है, उनके नाम उस अवधि के पूरा होने से पहले ऑफर लिस्ट में न भेजे जाएं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए सभी नामांकन केवल निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भेजने होंगे। मंत्रालय ने कहा है कि केवल वही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जिन्हें संबंधित नोडल अधिकारी इलेक्ट्रॉनिक रूप से सत्यापित करेंगे।

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