🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

10 मिनट में ही खत्म हुई सुनवाई, कौन-से दस्तावेज मांगे गए? देव ने कहा- 'ऑटोग्राफ दिया और…'

सुनवाई केंद्र में उपस्थित होकर देव ने क्या कहा?

By Author by: देवदीप चक्रवर्ती, Posted by: रजनीश प्रसाद

Jan 14, 2026 15:08 IST

कोलकाताः वह टॉलीवुड के सुपरस्टार हैं। बंगाली सिनेमा के सबसे सफल अभिनेताओं में से एक। वह जहाँ भी जाते हैं हजारों प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ती है। जादवपुर के कातजुनगर स्वर्णमंदिर विद्यालय में सुनवाई के लिए उन्हें बुलाया गया था। सुनवाई में देव (दीपक अधिकारी) आ रहे हैं यह खबर पूरे इलाके में फैल गई। सुबह से ही मीडिया की गाड़ियों की कतार लग गई। प्रशंसकों की घनी भीड़ जमा हो गई। नोटिस के अनुसार उन्हें दोपहर 12 बजे आना था लेकिन देव साढ़े 12 बजे पहुँचे। सुनवाई केंद्र के भीतर वह कुल मिलाकर लगभग 10 मिनट रहे। मतदाता के रूप में प्रमाण देने के लिए उनसे क्या पूछा गया? अंदर क्या हुआ? मीडिया के सवालों पर मुस्कराते हुए देव ने कहा कि अंदर कई तस्वीरें खिंचवाईं, कई ऑटोग्राफ दिए और कुछ कागजों पर हस्ताक्षर किए।

मंगलवार को ही टॉलीवुड के सदस्य राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय गए थे। उन्होंने सवाल उठाया था कि इतनी कम समय-सीमा में SIR क्यों किया जा रहा है? बंगाल के हाशिए पर रहने वाले लोगों को क्यों परेशान किया जा रहा है? इस दिन तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने कहा कि अगर SIR होना ही था तो एक साल पहले क्यों नहीं हुआ? चुनाव से कुछ महीने पहले ही यह क्यों शुरू किया गया? सब जानते हैं कि बंगाल में 2026 में चुनाव होंगे। SIR एक साल पहले क्यों शुरू नहीं हुआ? यह एक नागरिक के रूप में मेरा सवाल है। इतनी कम अवधि में SIR क्यों किया जा रहा है?

पिछले शुक्रवार को कोलकाता में तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के नेतृत्व में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया था। उस रैली में देव भी मौजूद थे। मंच से देव को सामने रखकर ममता ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा था कि शहर के प्रतिष्ठित नागरिकों, कवि-साहित्यकारों और फुटबॉल खिलाड़ियों को सुनवाई के नाम पर परेशान किया जा रहा है। आयोग के साथ-साथ राजनीतिक रूप से इस मुद्दे पर ममता ने भाजपा को भी घेरा। क्या राजनीतिक प्रतिशोध के कारण देव को सुनवाई में बुलाकर परेशान किया गया? इस पर तृणमूल सांसद ने जवाब दिया कि परेशानी शब्द किसी भी राजनेता के लिए नया नहीं है। इस दल में रहो तो दूसरा दल परेशान करेगा उस दल में रहो तो कोई और परेशान करेगा।

गौरतलब है कि इससे पहले नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को भी सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। हालांकि वह उस समय विदेश में थे, इसलिए बाद में चुनाव आयोग ने एक अधिसूचना जारी कर कहा कि विदेश में रहने वाले नागरिक अपने निकट संबंधी को सुनवाई केंद्र में भेज सकते हैं लेकिन देव के मामले में यह लागू नहीं होता। देव दक्षिण कोलकाता के स्थायी निवासी हैं। देव के परिवार के दो अन्य सदस्यों को भी सुनवाई के लिए बुलाया गया था लेकिन उस दिन परिवार का कोई भी सदस्य सुनवाई में दिखाई नहीं दिया।

Prev Article
बी. बी. गांगुली स्ट्रीट पर लगातार कई दुकानों में आग, धुएं से ढका पूरा इलाका, इलाके में भारी अफरा-तफरी

Articles you may like: