नयी दिल्लीः ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी समाप्त नहीं हुआ है। इस सैन्य अभियान की याद दिलाते हुए भारत के सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। मंगलवार को एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी कुछ अहम और अब तक सामने न आई जानकारियां साझा कीं, साथ ही कई गंभीर चिंताएं भी जताईं। उनके अनुसार भारत में अब भी सौ से अधिक आतंकवादी सक्रिय हैं और इन्हें पूरी तरह खत्म करने के लक्ष्य के कारण ही ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पड़ोसी देश की ओर से दोबारा किसी तरह की नापाक कोशिश की गई, तो उसके गंभीर परिणाम होंगे।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, “भारत में इस समय करीब 140 आतंकवादी सक्रिय हैं। इनमें से 10 स्थानीय हैं, जबकि बाकी पाकिस्तानी हैं। इनके भारत के पश्चिमी हिस्सों में मौजूद होने की आशंका है।” उन्होंने बताया कि आतंकवादियों को लेकर भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और सीमा पार मौजूद आतंकी ठिकानों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उनके मुताबिक, सेना हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पत्रकार सम्मेलन में थल सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि आतंकियों की मौजूदगी के बावजूद हाल के समय में संघर्षविराम उल्लंघन की कोई घटना नहीं हुई है। बीते एक वर्ष में सीमा पर संघर्षविराम उल्लंघन की 139 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से 124 घटनाएं ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हुई थीं। हालांकि संघर्षविराम जारी है, फिर भी पश्चिमी सीमा और जम्मू-कश्मीर की स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है, लेकिन हालात नियंत्रण में हैं।
पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, “पाकिस्तान में अब भी 8 आतंकी शिविर सक्रिय हैं। इनमें से 2 अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार और 6 नियंत्रण रेखा के पास स्थित हैं। हमें विश्वास है कि इन शिविरों में आतंकियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, इसी कारण लगातार निगरानी रखी जा रही है।”
उन्होंने आगे बताया कि 22 अप्रैल 2024 को पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद 7 मई को पाक अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान के भीतर आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया गया। जब पाकिस्तान ने भारत पर जवाबी हमले की कोशिश की तो भारत ने भी कड़ा जवाब दिया। अंततः 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्षविराम पर सहमति बनी।