नई दिल्ली : विश्व कप से पहले एक के बाद एक स्टार क्रिकेटरों की चोट से भारतीय खेमे में चिंता बढ़ गई है। इससे पहले तिलक वर्मा और ऋषभ पंत चोटिल हो चुके थे। अब उस सूची में वॉशिंगटन सुंदर का नाम भी जुड़ गया है। पहले वनडे मैच में मांसपेशियों में खिंचाव आने के कारण वे पूरी सीरीज से बाहर हो गए लेकिन वॉशिंगटन की चोट भारत के लिए और भी ज्यादा चिंता का कारण है क्योंकि यह स्पिन ऑलराउंडर टी-20 विश्व कप की टीम का हिस्सा हैं।
इसी बीच एक और मुद्दा चर्चा में आ गया है। चोट लगने के बावजूद सुंदर को बल्लेबाजी के लिए क्यों उतारा गया यह सवाल उठने लगा है। इसी मुद्दे पर भारत के हेड कोच गौतम गम्भीर पर पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने निशाना साधा है।
लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय भारत को 22 गेंदों में 22 रन चाहिए थे। तब नंबर आठ पर सुंदर को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। इसी फैसले पर मोहम्मद कैफ ने सवाल उठाया। अपने यूट्यूब चैनल पर गिल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब गिल चोटिल हुए थे तब कोलकाता टेस्ट में उन्हें बल्लेबाजी के लिए नहीं उतारा गया था। उस मैच में अगर शुभमन 20-30 रन भी बना लेते तो भारत जीत सकता था। इसके बावजूद उन्हें नहीं भेजा गया ताकि चोट न बढ़े और कोई जोखिम न लिया जाए लेकिन सुंदर के मामले में ऐसा क्यों नहीं किया गया? मेरे हिसाब से यह एक गलत फैसला था। भले ही भारत मैच जीत गया हो लेकिन इससे सुंदर की चोट और गंभीर हो सकती थी।
चोट लगने के बाद सुंदर को चलने में भी परेशानी हो रही थी फिर भी उन्हें बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। कैफ का कहना है कि जब 22 गेंदों में 22 रन चाहिए थे तब टीम मैनेजमेंट को किसी और बल्लेबाज को उतारना चाहिए था। चोट के कारण सुंदर डबल रन नहीं ले पा रहे थे जिससे दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाज पर दबाव बढ़ रहा था। इसके अलावा चोट के बावजूद दौड़ने से 7-10 दिन की चोट बढ़कर 20-30 दिन तक की भी हो सकती थी ऐसा उन्होंने बताया।
इस पूरे मामले पर गौतम गम्भीर की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।