नई दिल्ली: पांच साल बाद आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर लौटे विराट कोहली ने वनडे बल्लेबाजों की सूची में रोहित शर्मा को पीछे छोड़कर नंबर एक की कुर्सी हासिल की। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच से पहले ही उन्हें यह खुशखबरी मिली थी। पिछले मैच में वह 93 रन पर आउट हुए थे इसलिए इस मैच में फैंस को उनके शतक की उम्मीद थी। इसकी एक खास वजह भी थी। मकर संक्रांति और विराट कोहली के बीच एक ‘स्पेशल कनेक्शन’ रहा है, जो 2017 से चला आ रहा था लेकिन बुधवार को राजकोट में वह परंपरा टूट गई। विराट सिर्फ 23 रन बनाकर आउट हो गए।
विराट के लिए मकर संक्रांति क्यों थी खास?
अब तक जितनी बार विराट कोहली ने मकर संक्रांति के दिन मैच खेला था, हर बार उनके बल्ले से शतक निकला था। इस सिलसिले की शुरुआत हुई थी 14 जनवरी 2017 को, जब उन्होंने पुणे में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मैच में 122 रन की शानदार पारी खेली।
इसके अगले साल भी यही हुआ। 2018 में, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन टेस्ट में विराट ने 14 जनवरी (मकर संक्रांति) को शतक पूरा किया और उस मैच में 153 रन बनाए। 2019 में उन्होंने मकर संक्रांति के दिन शतकों की हैट्रिक पूरी की। एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विराट ने 104 रन की पारी खेली। इसके बाद चार साल का इंतजार करना पड़ा। 2023 में, मकर संक्रांति के दिन तिरुवनंतपुरम में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच में विराट के बल्ले से 166 रन की तूफानी पारी निकली।
इसी वजह से बुधवार को राजकोट में भी भारतीय क्रिकेट फैंस को विराट से एक और शतक की उम्मीद थी। उन्होंने चौके के साथ पारी की शुरुआत भी की लेकिन अंत में फैंस की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। विराट कोहली को युवा गेंदबाज क्रिस्टियन क्लार्क ने क्लीन बोल्ड कर दिया। विराट 29 गेंदों पर 23 रन बनाकर पवेलियन लौट गए और इस तरह 9 साल से चली आ रही ‘मकर संक्रांति पर शतक’ की परंपरा टूट गई।