बनगांवः बनगांव-सियालदह शाखा के गुमा स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान निखिल चंद्र दास (70) के रूप में हुई है। वह मतुआ समुदाय से संबंध रखते थे। घटना मंगलवार रात हुई। निखिल के परिवार का दावा है कि यह सुसाइड था। उन्हें बुधवार को SIR सुनवाई के लिए बुलाया गया था और परिवार का कहना है कि सुनवाई के डर के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
रेल पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, निखिल दुर्घटना के बाद कुछ समय जीवित थे और उन्होंने आसपास के लोगों से पानी मांगने की कोशिश की। बाद में पुलिस ने उनका शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार का कहना है कि सुनवाई की नोटिस मिलने के बाद निखिल अत्यधिक तनाव में थे।
परिवार के एक सदस्य ने बताया, “वो हमेशा यही सोचते थे कि ‘फिर न बांग्लादेश लौटना पड़े।’ पिछले कुछ दिनों से वे डर और आतंक में थे। उनके पास जो दस्तावेज थे, उन्हें पड़ोसियों को दिखाकर भी शांति नहीं मिली। यहां तक कि स्थानीय भाजपा सदस्य से जरूरी दस्तावेज लेने की कोशिश भी की थी।”
तृणमूल की राज्यसभा सांसद ममताबाला ठाकुर ने कहा, “मतुआ समुदाय के लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। हम परिवार के साथ हैं। लोग इस तरह की परेशानियों को सहन नहीं कर पा रहे। क्या चुनाव आयोग इन जिंदगियों को वापस लौटा पायेगा?”
स्थानीय भाजपा पंचायती सदस्य ब्यूटी बारुई ने कहा, “उनके परिवार में कुछ असंतोष था। दो दिन पहले उनके एक बेटे के साथ भी विवाद हुआ था। पारिवारिक दबाव था, लेकिन उन्होंने यह कदम क्यों उठाया, बताना मुश्किल है।”
इसी दिन दक्षिण दिनाजपुर जिले के तपन ब्लॉक के जमलाबाद निवासी फौजेउद्दिन सरकार (65) की भी मौत हुई। वे उसी ब्लॉक प्रशासनिक भवन में SIR संबंधित सुनवाई में उपस्थित हुए थे। सुनवाई के बाद घर लौटते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। पहले उन्हें ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर गंगारामपुर के कालदिघी अस्पताल ले जाया गया, जहां रात में उनकी मृत्यु हो गई।