मदुरै : तमिलनाडु के मदुरै जिले के अवनियापुरम में पोंगल 2026 के अवसर पर गुरुवार को पारंपरिक खेल जल्लीकट्टू की भव्य शुरुआत हुई। यह इस वर्ष आयोजित होने वाले तीन प्रमुख जल्लीकट्टू आयोजनों में पहला था। सुबह से ही खेल मैदान में भारी संख्या में दर्शक जुटे और पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
इस आयोजन में लगभग 550 युवा टेमरों ने हिस्सा लिया। चरणबद्ध तरीके से सैकड़ों बैलों को मैदान में उतारा गया जहां उन्होंने अपनी ताकत और फुर्ती का प्रदर्शन किया। कई बैलों ने टेमरों को चकमा देकर खुद को छुड़ा लिया जबकि कुछ को युवाओं ने साहस और कौशल के साथ काबू में किया। एक विशाल सफेद बैल का मैदान में तेजी से दौड़ना और टेमर को उछाल देना दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक दृश्य रहा।
खेल के दौरान कुल 32 लोग घायल हुए। इनमें टेमर, बैल मालिक और एक दर्शक शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार, अधिकतर को हल्की चोटें आईं और पांच लोगों को एहतियातन अस्पताल में भर्ती कराया गया। सभी घायलों की स्थिति सामान्य बताई गई है।
इस बार जल्लीकट्टू को देखने के लिए विदेशी पर्यटक भी पहुंचे। नीदरलैंड और जापान से आए दर्शकों ने करीब से इस पारंपरिक खेल का आनंद लिया और तमिल संस्कृति की अनूठी परंपरा को जाना।
आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। 2,200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। खेल से पहले सभी बैलों की स्वास्थ्य जांच हुई ताकि किसी तरह की अनियमितता न हो। जांच में चार बैलों को अयोग्य पाया गया और उन्हें बाहर कर दिया गया। इसके अलावा मैदान में उतरने से पहले सभी टेमरों की भी मेडिकल जांच की गई।
इस बार जिला प्रशासन ने एक नई पहल करते हुए डिजिटल स्कोरबोर्ड लगाया, जिससे दर्शकों को खेल की जानकारी तुरंत मिलती रही। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के वाणिज्य कर एवं पंजीकरण मंत्री पी. मूर्ति ने किया।
अवनियापुरम के बाद 16 जनवरी को पलामेडु और 17 जनवरी को अलंगनल्लूर में जल्लीकट्टू का आयोजन होगा। इन आयोजनों में सर्वश्रेष्ठ टेमर और बैल को कार, ट्रैक्टर सहित आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।