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Budget 2026 में अपेक्षाएं : क्या मिडिल क्लास को फिर मिलेगी इनकम टैक्स में राहत?

नया साल, नया बजट और नई उम्मीदें।

By श्वेता सिंह

Jan 15, 2026 18:13 IST

साल की शुरुआत के साथ ही देश की निगाहें अब अगले केंद्रीय बजट पर टिकने लगी हैं। जनवरी के पहले हफ्ते गुजरते ही बजट 2026 को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासकर नौकरीपेशा और मिडिल क्लास के लिए यह बजट बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि उनकी सबसे बड़ी उम्मीद हर बार की तरह इस बार भी इनकम टैक्स से जुड़ी राहतों पर टिकी है।

पिछले साल बजट 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी थी। टैक्स फ्री इनकम लिमिट बढ़ाने और नए टैक्स रिजीम को आकर्षक बनाने से मिडिल क्लास को सीधा फायदा मिला। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या बजट 2026 में फिर वैसी ही राहत संभव है?

बजट 2026 क्यों है खास?

बजट 2026-27 कई मायनों में ऐतिहासिक हो सकता है। यह मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट होगा और साथ ही नया इनकम टैक्स कानून लागू होने से पहले आखिरी बड़ा बजट भी।

सरकार 1 अप्रैल 2026 से करीब 60 साल पुराने Income Tax Act, 1961 की जगह नया Income Tax Act 2025 लागू करने जा रही है। ऐसे में बजट 2026 से यह तय होगा कि आने वाले वर्षों में टैक्स सिस्टम किस दिशा में आगे बढ़ेगा-सरलता की ओर या जटिलता की ओर।

पिछले बजट के बाद बदला नजरिया

बजट 2025 में नई टैक्स व्यवस्था के तहत टैक्स फ्री आय की सीमा 12 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। इस बड़े फैसले के बाद माना जा रहा है कि इस बार सरकार के पास बहुत ज्यादा नई टैक्स राहत देने की गुंजाइश सीमित है।

इसी वजह से टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट 2026 में टैक्स कटौती से ज्यादा जोर टैक्स सिस्टम को स्थिर, भरोसेमंद और विवाद-मुक्त बनाने पर होगा।

सरकार का संभावित फोकस: राहत से ज्यादा सुधार

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले बजट में सरकार टैक्स दरों में बड़ी कटौती करने के बजाय इन पहलुओं पर ध्यान दे सकती है:

टैक्स कानून को सरल और स्पष्ट बनाना

नए टैक्स रिजीम को और मजबूत करना

अनुपालन (Compliance) को आसान करना

अनावश्यक टैक्स नोटिस और विवाद कम करना

संभावना है कि पुराने टैक्स सिस्टम में मिलने वाली कुछ छूटों को नए सिस्टम में शामिल किया जाए, ताकि ज्यादा टैक्सपेयर्स स्वेच्छा से नए रिजीम को अपनाएं।

क्या पुराना टैक्स सिस्टम धीरे-धीरे खत्म होगा?

पिछले कुछ वर्षों में नए टैक्स रिजीम की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स पहले ही इसे अपना चुके हैं। ऐसे में यह माना जा रहा है कि सरकार भविष्य में पुराने टैक्स सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से खत्म कर सकती है। बजट 2026 इस दिशा में एक अहम संकेत दे सकता है।

मिडिल क्लास की बजट 2026 से 5 बड़ी उम्मीदेंः

1. इनकम टैक्स में और राहतः मिडिल क्लास चाहता है कि टैक्स छूट की सीमा और बढ़े या टैक्स रेट में कुछ नरमी आए, ताकि इन-हैंड सैलरी में इजाफा हो सके।

2. आसान और पारदर्शी टैक्स सिस्टमः ITR फाइलिंग की प्रक्रिया और सरल हो, नियमों में भ्रम न हो और बेवजह टैक्स नोटिस से छुटकारा मिले-यह हर टैक्सपेयर की बुनियादी मांग है।

3. सीनियर सिटीजन्स को अतिरिक्त सहूलियतः वरिष्ठ नागरिक बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाने, पेंशन और ब्याज आय पर बेहतर टैक्स ट्रीटमेंट की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

4. टैक्स बोझ में संतुलनः ऐसा टैक्स ढांचा जिसमें आय के अनुसार टैक्स बोझ तय हो और मध्यम आय वर्ग पर असमान दबाव न पड़े।

5. आय और रोजगार के नए अवसरः सिर्फ टैक्स राहत ही नहीं, बल्कि ऐसी नीतियां भी आएं जो आय बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और रोजगार सृजन में मदद करें।

नया टैक्स स्लैब बन सकता है समाधान?

टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 में टैक्स संरचना को ज्यादा न्यायसंगत बनाने के लिए नया टैक्स स्लैब लाया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर 30 लाख से 50 लाख रुपये की आय पर 25% टैक्स स्लैब, जिससे मिडिल-हाई इनकम ग्रुप को राहत मिले और 30% टैक्स केवल सबसे ऊंची आय वालों तक सीमित रहे।

बजट 2026 से उम्मीद :

टैक्स डिडक्शन की सीमा बढ़ाई जाए

सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स पर टैक्स लाभ बेहतर हों

रिटायरमेंट प्लानिंग को प्रोत्साहन मिले

TDS और TCS सिस्टम को सरल बनाया जाए

इससे टैक्सपेयर्स पर अनुपालन का बोझ कम होगा और लंबी अवधि की वित्तीय योजना बनाना आसान होगा। एक बड़ी मांग यह भी है कि टैक्स स्लैब और डिडक्शन लिमिट को नियमित रूप से महंगाई के अनुसार अपडेट किया जाए। इससे टैक्सपेयर्स को सिर्फ नाममात्र की आय वृद्धि पर ऊंचे टैक्स स्लैब में जाने से बचाया जा सकेगा।

बड़ी राहत नहीं, लेकिन बेहतर व्यवस्था की उम्मीद

बजट 2026 से भले ही बहुत बड़ी टैक्स कटौती की उम्मीद न हो, लेकिन अगर सरकार टैक्स सिस्टम को सरल, स्थिर और भरोसेमंद बनाने में सफल रहती है, तो यह मिडिल क्लास के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं होगा।

एक ऐसा टैक्स ढांचा जो कम विवाद वाला हो, समझने में आसान हो और बचत व निवेश को बढ़ावा दे-यही बजट 2026 से टैक्सपेयर्स की सबसे बड़ी उम्मीद है।

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