कसबा लॉ कॉलेज दुष्कर्म मामले आखिरकार 58 दिनों बाद चार्ज गठन किया गया। इस मामले के मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्र, जाएब अहमद, प्रमीत मुखर्जी और सुरक्षाकर्मी पिनाकी बंद्योपाध्याय पर चार्ज गठित किया गया। बताया जाता है कि इन सभी आरोपियों के खिलाफ बुधवार को अलीपुर अदालत में चार्ज गठित किया गया।
अदालत सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में कुल 83 लोग गवाह हैं। बताया जाता है कि अदालत में जिस समय चार्ज गठित किया गया, तब सुरक्षाकर्मी के वकील दिव्येंदु भट्टाचार्य वहां उपस्थित थे। उन्होंने बता कि मामले की सुनवाई 27 जनवरी से शुरू होगी। इसके बाद धीरे-धीरे सभी गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
बता दें, आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, जबरदस्ती रोक कर रखने, मारपीट करने और ब्लैकमेल करने के आरोप में IT एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में मामला दायर किया गया है।
अदालत सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चार्जशीट में मनोजीत समेत 4 आरोपियों का नाम शामिल है। इसमें कहा गया है कि गार्डरुम में मनोजीत ने पीड़िता का यौन उत्पीड़न किया और वहीं सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। मनोजीत मिश्र इसी कॉलेज का छात्र है और तृणमूल छात्र परिषद का नेता भी रह चुका है। जिस समय यह घटना घटी उस समय वह कॉलेज में बतौर अस्थायी कर्मचारी कार्यरत था। उसके साथ दो अन्य छात्र जाएब अहमद और प्रमीत मुखर्जी भी शामिल था।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी पहलुओं की जांच करने के बाद ही चार्जशीट गठित की गयी है। पीड़िता के कपड़ों पर मिले खून का नमूना और मुख्य आरोपी के खून का डीएनए मिल चुका है। बताया जाता है कि वारदात के समय मुख्य आरोपी के शरीर पर चोट के कई निशान बने थे। इसके अलावा वारदात के समय घटनास्थल पर दो अन्य लोगों की उपस्थिति के सबूत भी मिले हैं।