🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले ED का आवेदन, राजीव कुमार को किया जाए बर्खास्त

ED का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मिलीभगत कर उन्होंने जांच में रुकावट डालने और सबूत 'चुराने' में मदद की है।

By Arindam Bandyopadhyay, Posted By : Moumita Bhattacharya

Jan 15, 2026 14:53 IST

I-PAC मामले की सुनवाई से पहले ED ने सुप्रीम कोर्ट में एक नया मामला दायर किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस बार सर्वोच्य न्यायालय (Supreme Court) में एक आवेदन दायर किया है जिसमें राज्य के DGP राजीव कुमार को सस्पेंड करने की मांग की गयी है। ED ने न सिर्फ DGP राजीव कुमार बल्कि कोलकाता पुलिस के कमिश्नर मनोज वर्मा और DC साउथ को भी सस्पेंड करने की मांग की है।

एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने राजीव कुमार पर तलाशी अभियान के दौरान गलत व्यवहार करने और असहयोग करने का आरोप लगाया है। इसी वजह से ED ने गृह मंत्रालय (MHA) और DOPT से संबंधित अधिकारियों को बर्खास्त करने का आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। ED का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मिलीभगत कर उन्होंने जांच में रुकावट डालने और सबूत 'चुराने' में मदद की है।

गौरतलब है कि गत 8 जनवरी को ED ने IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापेमारी के मामले में दो केस दर्ज करवाए हैं। उस मामले की सुनवाई शुरू होने से पहले ही ED ने एक नया आवेदन किया है। ED द्वारा दायर आवेदन में पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए DGP राजीव कुमार की भूमिका की आलोचना की गई है।

इसमें कहा गया है कि जब वे कोलकाता पुलिस कमिश्नर थे तब उनके खिलाफ CBI की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके समर्थन में धरना दिया था। न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायाधीश विपुल मनुभाई पंचोली की खंडपीठ में ED के तलाशी अभियान से जुड़े दो मामलों की सुनवाई की जा रही है।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के IPAC केस का निपटारा कर दिया। केस की सुनवाई के दौरान ED ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि IPAC ऑफिस या प्रतीक जैन के घर से कुछ भी नहीं लिया गया। किसी डिजिटल दस्तावेज को कॉपी भी नहीं किया गया। इसके बाद न्यायाधीश शुभ्रा घोष ने केस का निपटारा कर दिया।

वहीं ED ने इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में भी केस किया था इसलिए हाई कोर्ट ने दूसरे केस को मुलतवी कर दिया। सुनवाई के दौरान ED ने अदालत को बताया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। इसलिए वह चाहते हैं कि हाई कोर्ट में केस को मुलतवी कर दिया जाए। न्यायाधीश शुभ्रा घोष ने ED की मांग मान ली।

Prev Article
अदालत में मिलेंगे! ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी की धमकी का तृणमूल ने दिया करारा जवाब
Next Article
बड़ा बाजार में लगी आग, मौके पर पहुंची दमकल की कई इंजन

Articles you may like: