सुप्रीम कोर्ट ने IPAC- तलाशी अभियान की सुनवाई मामले में नोटिस जारी किया है। इस मामले की सुनवाई गुरुवार को न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायाधीश विपुल पंचोली की खंडपीठ में हुई। ED द्वारा दायर किए गए मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होगी। गुरुवार को इस बाबत नोटिस जारी किया गया।
केस की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि राज्य सरकार IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर और आस-पास के इलाके के सभी CCTV फुटेज को सुरक्षित रखेगी।
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सुप्रीम कोर्ट ने ED के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR पर अगली सुनवाई तक रोक लगाने का आदेश दिया है। इस मामले में ED के अधिकारियों पर दो FIR शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन और दो विधाननगर इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई हैं।
गुरुवार को न्यायाधीश पीके मिश्रा ने कहा, 'ED की जांच के दौरान राज्य पुलिस के दखल का आरोप बहुत गंभीर है।' सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई भी केंद्रीय एजेंसी चुनाव से जुड़े काम में व्यस्त किसी भी पार्टी के काम में दखल नहीं दे सकती।
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इसी तरह केंद्रीय एजेंसी की स्वतंत्र जांच में रुकावट नहीं डाली जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यह पक्का किया जाना चाहिए कि केंद्रीय जांच एजेंसी स्वतंत्र तरीके से जांच कर सके।