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महाकाल मंदिर का शिलान्यास कर ममता बनर्जी ने भाजपा को दी 'अच्छे कर्म' करने की सलाह

ममता बनर्जी ने कहा कि पीटना कोई धर्म नहीं है। जान देना धर्म है।

By Kaushik Bhattacharya, Posted By : Moumita Bhattacharya

Jan 16, 2026 18:50 IST

विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल में महाकाल मंदिर की नींव रखी। शुक्रवार को सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा में खड़े होकर उन्होंने विश्व की सबसे ऊंची महाकाल की मूर्ति बनाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि महाकाल की 216 फुट ऊंची मूर्ति बनायी जा रही है।

मूर्ति की ऊंचाई 108 फुट होगी और 108 फुट ऊंचा चबूतरा होगा, जिसपर यह मूर्ति स्थापित होगी। पूरी मूर्ति कांसे से बनायी जाएगी। मंदिर का शिलान्यास करने के बाद उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में प्रवासी मजदूरों की कथित तौर पर हत्या को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की।

उन्होंने बांग्लाभाषी होने की वजह से भाजपा शासित राज्यों में प्रवासी मजदूरों पर अत्याचार का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया, "आप अत्याचार क्यों कर रहे हैं?" भाजपा को "अच्छा काम" करने की सलाह देते हुए ममता बनर्जी ने कहा, "असम, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार में पीटा जा रहा है। पीटना कोई धर्म नहीं है। जान देना धर्म है। जब तक जिंदा हैं, अच्छा काम करें।"

2 सालों में पूरा होगा महाकाल मंदिर का काम

ममता बनर्जी ने कहा कि महाकाल मंदिर का निर्माण पूरा होने में करीब दो से ढाई साल का समय लगेगा। ट्रस्टी को 17.41 एकड़ जमीन दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिट्टी भरने का काम भी जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा, "मंदिर में एक लाख दर्शनार्थी आ सकेंगे। हम दुनिया की सबसे ऊंची महाकाल की मूर्ति बना रहे हैं।

मुख्य मूर्ति कांसे की बनी है और 108 फूट ऊंची होगी। इसके नीचे का पेडस्टल, जिसपर मूर्ति स्थापित होगी उसकी ऊंचाई 108 फूट होगी।" ममता बनर्जी ने कहा कि महाकाल मंदिर को एक अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जाएगा।

ममता बनर्जी ने महाकाल मंदिर में पूरे भारत के शैव तीर्थ को लाने की योजना बनायी है। अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, 'यहां 12 ज्योतिर्लिंगों का प्रतिरूप बनाया जाएगा। दर्शनार्थियों को यहां पूरा भारत देखने को मिलेगा। दो परिक्रमा पथ होंगे। दो मंजिला महाकाल म्यूजियम और एक संस्कृत हॉल होगा। पूरब और पश्चिम में नंदी घर होंगे।'

मंदिर शिवालय परंपरा के अनुसार बनाया जाएगा। चारों कोनों में चार मंदिर होंगे। ममता बनर्जी ने बताया, 'दक्षिण-पश्चिम में गणेश मंदिर, उत्तर-पश्चिम में कार्तिक, उत्तर-पूर्व में शक्ति और दक्षिण-पूर्व में भगवान विष्णु का मंदिर होगा।' साथ ही उन्होंने बताया कि मंदिर के दो कोनों में दो मंच भी बनाए जाएंगे।

महाकाल मंदिर का शिलान्यास करते हुए ममता बनर्जी ने बहुतत्व के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, "सिर्फ एक ही धर्म हो यह सही नहीं है। म्यूजिक के साथ-साथ हारमोनियम, तबला, सितार, हर तरह के वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल किया जाता है। कोई लाल पहनता है, कोई नीला, कोई बैंगनी - हर कोई सुंदर है।

भगवान कृष्ण ने धर्म को नाम में धारण करने की सलाह दी थी। धर्म का मतलब पवित्रता है।" इसके साथ ही उन्होंने उत्तर बंगाल में 37 बसें, 31 स्लीपर और 6 वॉल्वॉ बस सेवाओं के शुरू होने की घोषणा भी की।

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