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अभिषेक बनर्जी ने नाम लिए बगैर हुमायूं कबीर पर किया वार, कहा - तृणमूल साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रतीक

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को अब दूसरे राज्यों में काम करने के लिए वापस नहीं जाना पड़ेगा।

By Tuhina Mondal, Posted By : Moumita Bhattacharya

Jan 08, 2026 17:08 IST

गुरुवार को पुराने मालदह के मंगलबाड़ी ग्राम पंचायत के जलंगी में एक सभा को संबोधित करते हुए तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को अब दूसरे राज्यों में काम करने के लिए वापस नहीं जाना पड़ेगा। साथ उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने दूसरी राजनैतिक पार्टियों के साथ 'डील' कर लिया है।

अभिषेक बनर्जी ने मालदह में प्रवासी मजदूरों को लेकर एक बैठक की। दूसरे राज्यों में बांग्ला भाषा में बात करने पर बांग्लादेशी होने का आरोप लगने को लेकर भी तृणमूल ने अपनी बात कही। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। पड़ोसी जिले में 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण की आलोचना करते हुए उन्होंने धार्मिक सौहार्द बनाए रखने का भी संदेश दिया।

हुमायूं का नाम लिए बगैर साधा निशाना

भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में 'बाबरी मस्जिद' बनाने की घोषणा की जिसके बाद उन्हें तृणमूल से सस्पेंड कर दिया गया था। अभिषेक बनर्जी ने हुमायूं कबीर का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'दूसरी राजनैतिक पार्टियों ने भाजपा के साथ डील कर ली है। भविष्य में आपको समझ आएगा कि उन्होंने कैसे डील की है।

जो 2019 में भाजपा का उम्मीदवार था वहीं बाबरी मस्जिद बना रहा है। वह धर्म के नाम पर विभाजन करके लोगों को बेवकूफ बनाकर कुछ रुपए अपने पॉकेट में भर ले रहा है। एक भी पैसा मत दें। गरीबों की मदद करें। यह कुरान में लिखा है।' गौरतलब है कि हुमायूं कबीर ने वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव जंगीपुर सीट से भाजपा के टिकट पर लड़ा था लेकिन वह हार गए थे।

हुमायूं कबीर के 'बाबरी मस्जिद' बनाने के फैसले के बाद ही तृणमूल भी मुखर हो गया है। उनका आरोप था कि यह भाजपा के भड़कावे पर ही हो रहा है। हालांकि भाजपा ने उस दावे को खारिज कर दिया। राजनैतिक विशेषज्ञ गुरुवार को भरतपुर के विधायक पर बिना नाम लिए हमला और सांप्रदायिक सद्भावना के संदेश को बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

हेल्पलाइन नंबर जारी

अभिषेक बनर्जी ने मालदह के प्रवासी मजदूरों के लिए 'एक डाके अभिषेक' हेल्पलाइन नंबर जारी किया। यहीं नंबर उनके संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर में चालू है। अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'मालदह भी मेरे बड़े परिवार का हिस्सा है। अगर किसी प्रवासी मजदूर पर बांग्लादेशी होने का ठप्पा लगता है तो उसे कानूनी मदद दी जाएगी।' इसके साथ ही तृणमूल सांसद ने मंच से यह भी भरोसा दिलाया कि प्रवासी मजदूरों को अब काम के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा।

जानकारों का दावा है कि मालदह और मुर्शिदाबाद जिलों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रहते हैं। उनको दिया गया अभिषेक बनर्जी का यह भरोसा चुनावों में तृणमूल के लिए 'बाजी पलटने' वाला साबित हो सकता है। उन्होंने प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर सीधे-सीधे भाजपा पर निशाना साधा। अभिषेक बनर्जी ने बैठक में आरोप लगाया कि खगेन मुर्मू और सुकांत मजूमदार ने अपने संसदीय क्षेत्रों में प्रवासी मजदूरों की मदद नहीं की।

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा अगर घर में कोई परेशानी हो, कोई बीमारी हो, सिर में चोट लग जाए तो रात 1 बजे आने वाले एंबुलेंस ड्राइवर से क्या उसका धर्म पूछा जाता है? किसान, मछुआरों, स्टेज बनाने वालों, फूल बेचने वालों से क्या उनका धर्म पूछा जाता है? भाजपा धर्म के नाम पर बांटती है। तृणमूल सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है।

अभिषेक बनर्जी ने फरवरी के पहले सप्ताह में मालदह में एक सार्वजनिक सभा करने का भी वादा किया है। तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव ने उसी मैदान में जवाबी सभा करने की बात कही है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा होने वाली है।

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