जिस समय पूरी दुनिया अंग्रेजी नव वर्ष का स्वागत करने में व्यस्त थी उस समय उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज में एक परिवार ने अपना सब कुछ खो दिया। नए साल के पहले दिन ही युवा कांग्रेस उत्तर दिनाजपुर जिले के सह-अध्यक्ष नव्येंदु घोष (37) की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रायगंज के मोहनबाटी बाजार से सटे इलाके में मौजूद एक घर में रात को अपने कुछ दोस्तों के साथ नव्येंदु पार्टी मना रहे थे। आरोप है कि उसी समय उन पर हमला किया गया। तुरंत घायलावस्था में नव्येंदु को रायगंज मेडिकल कॉलेज व अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही रायगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची।
सीने में मारी गयी गोली!
स्थानीय निवासियों का दावा है नव्येंदु के सीने में गोली लगने का निशान पाया गया है। पुलिस ने भी मृतक के शरीर पर गोली लगने का चिन्ह होने की पुष्टि की है। घटना की जांच कर रही पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है। रात को ही पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है और हथियार भी बरामद कर लिया है।
बेटे ने हैप्पी न्यू ईयर कहा और फिर...
नव्येंदु घोष की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गयी है। राज्य में इस साल ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे समय में सवाल उठ रहा है कि किसने और क्यों नव्येंदु की हत्या की। नव्येंदु की मां का आरोप है, 'षड्यंत्र रच कर उसकी हत्या की गयी है।' रुंधे हुए गले से उन्होंने बताया कि बुधवार की रात को मेरे गले लगकर मुझे हैप्पी न्यू ईयर कहकर घर से निकला था। वह उस समय किसी पार्टी-प्रोग्राम में नहीं जा रहा था। दुकानदारी कर रहा था। किसने दुश्मनी निकाली है, मुझे नहीं पता।
वहीं नव्येंदु घोष के पिता अनंत कुमार घोष कहा, 'वह बुधवार की रात को 12 बजे से पहले हैप्पी न्यू ईयर कहने के लिए घर आया था। इसके बाद पिकनिक पर चला गया। उसके बाद क्या हुआ, मुझे नहीं पता।' इस मामले में तृणमूल के सभापति शिवशंकर राय चौधरी ने कहा कि यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यजनक है। वह राजनैतिक रूप से सक्रिय था। मेरा संदेह है कि यह कोई राजनैतिक षड्यंत्र हो सकता है। घटना की सटीक जांच होनी चाहिए।