दिनाजपुरः तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भाजपा सांसद और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार पर उनके ही संसदीय क्षेत्र में जमकर हमला बोला। दूसरे राज्य में बंगला बोलने के कारण जेल में डाले गए दक्षिण दिनाजपुर के दो प्रवासी मजदूरों के मामले को लेकर अभिषेक ने भाजपा सांसद की जिम्मेदारी और जवाबदेही पर सवाल उठाए।
अभिषेक ने कहा कि जिन लोगों ने वोट देकर सांसद को जिताया, संकट के समय उनके साथ खड़ा होना क्या उनकी जिम्मेदारी नहीं है? उन्होंने सवाल किया, “जो लोग आपको वोट देकर जिताते हैं, उनके प्रति क्या कोई जिम्मेदारी नहीं है? दूसरे राज्य में मुसीबत में पड़ने पर क्या उनके साथ नहीं खड़े होंगे?”
प्रवासी मजदूरों के परिवार से मिले अभिषेक
बुधवार को अभिषेक बनर्जी दक्षिण दिनाजपुर पहुंचे और तापन इलाके के दो प्रवासी मजदूर असित बर्मन और गौतम सरकार तथा उनके परिवारों से मुलाकात की। आरोप है कि केवल बंगला बोलने के कारण उन्हें ‘बांग्लादेशी’ बताकर सात महीने तक जेल में रखा गया।
परिजनों ने बताया कि इस दौरान उन्होंने भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
‘डर का माहौल बनाकर जीतना चाहती है भाजपा’
परिवार की बातें सुनने के बाद अभिषेक ने कहा कि भाजपा डर और आतंक का माहौल बनाकर राजनीति करना चाहती है, लेकिन जिन लोगों ने उन्हें जिताया, उनकी ओर पलटकर भी नहीं देखती।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “तृणमूल को गाली देने में कभी पीछे नहीं रहते। दिल्ली के जमींदारों के यहां अपने नंबर बढ़ाने के लिए बंगाल के लोगों को गालियां दे रहे हैं। अपने ही इलाके के लोगों की जिम्मेदारी नहीं लेते।”
‘पहले मानवता, बाद में राजनीति’
मीडिया के सामने मजदूरों के परिवारों ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बंद्योपाध्याय की पहल से ही सात महीने बाद उनकी रिहाई संभव हुई।
इस पर अभिषेक ने कहा, “पार्टी-पॉलिटिक्स बाद में होगी, पहले मानवता है। हम काम करके लोगों का भरोसा जीतते हैं। हम लोगों के साथ खड़े होते हैं। उनकी मदद करते हैं, फिर बात करते हैं। वरना उनकी तरह कहना पड़ता-हमें मौका दीजिए, हम करके दिखाएंगे।”
‘स्टॉपेज मिनिस्टर’ कहकर कसा तंज
अभिषेक यहीं नहीं रुके। उन्होंने बंगाल के भाजपा सांसदों द्वारा ट्रेन के नए स्टॉपेज के उद्घाटन को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, “11 साल से भाजपा केंद्र में सत्ता में है। सरकार से कितना पैसा बंगाल के लिए लाए? सड़क और विकास तो तृणमूल सरकार ही कर रही है। खाली एक ट्रेन का स्टॉपेज बनाकर चार-चार चिट्ठियां जारी कर रहे हैं। क्या लोगों ने आपको स्टॉपेज बनाने के लिए जिताया?”
भाजपा को बताया ‘बंगाल-विरोधी’
अभिषेक ने भाजपा को एक बार फिर बंगाल-विरोधी पार्टी करार दिया। उन्होंने कहा,“अगर भाजपा बंगाल-विरोधी नहीं है, तो सुकांत मजूमदार को शो-कॉज नोटिस दिया जाना चाहिए। बिना किसी गलती के लोग सात महीने जेल में रहे। उनके सात महीने कौन लौटाएगा? अगर बंगला बोलने पर जेल जाना पड़े, तो क्या कहा जाए? सुकांत मजूमदार भी तो बंगला बोलते हैं, फिर क्यों नहीं?”
इस पूरे मुद्दे को लेकर बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भाजपा बनाम तृणमूल की लड़ाई तेज हो गई है।