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5G क्रांति में भारत ने मारी तेजी, दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्कः ज्योतिरादित्य सिंधिया

डिजिटल इंडिया का तेजी से बढ़ता कदम: 5G और तकनीकी आत्मनिर्भरता।

By श्वेता सिंह

Jan 16, 2026 19:10 IST

नयी दिल्लीः भारत ने 5G तकनीक अपनाने में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर लिया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि भारत में अब 40 करोड़ से अधिक 5G यूजर्स हैं, जिससे यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G बेस बन गया है। हम अब केवल चीन के पीछे रह गये हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत ग्लोबल मानक स्थापित करने, तेजी और पैमाने में आगे बढ़ने और डिजिटल बदलाव में अग्रणी बन रहा है।

5G रोलआउट की तेजी और कवरेज

2022 में लॉन्च होने के बाद भारत ने 5G नेटवर्क को तेजी से पूरे देश में फैलाया है। वर्तमान में 99.6 प्रतिशत जिलों और लगभग 85 प्रतिशत आबादी को 5G कवरेज मिल चुका है। मार्च 2025 तक 4.69 लाख 5G बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) स्थापित किए गए, जो रोलआउट की दुनिया में सबसे तेज परियोजनाओं में गिने जा रहे हैं।

भारत ने केवल शहरी क्षेत्रों तक ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी नेटवर्क कवरेज बढ़ाकर तकनीक अपनाने की संस्कृति को मजबूत किया है। तेजी से यूजर्स जोड़ने की यह क्षमता भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाती है।

ग्रामीण कनेक्टिविटी और डिजिटल पहुंच

ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीफोन कनेक्शन में 42.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो शहरी क्षेत्रों की तुलना में लगभग दोगुनी है। मार्च 2014 में ग्रामीण कनेक्शन 37.78 करोड़ थे, जबकि सितंबर 2025 में यह बढ़कर 53.98 करोड़ हो गए। इससे डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-गवर्नेंस और कृषि तकनीक को बढ़ावा मिला है।

ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी में यह तेजी देश में डिजिटल विभाजन को कम करने और विकास को समान रूप से फैलाने में अहम भूमिका निभा रही है।

इंटरनेट कनेक्शन का रिकॉर्ड

भारत में कुल इंटरनेट कनेक्शन अब 100.29 करोड़ तक पहुंच चुके हैं। मार्च 2014 में यह संख्या 25.15 करोड़ थी। इस वृद्धि ने भारत को डेटा-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में मजबूती दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अधिक यूजर्स और डेटा ट्रैफिक ने डिजिटल स्टार्टअप्स, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन सेवाओं को भी तेजी दी है।

स्वदेशी नेटवर्क और 6G मिशन

भारत ने अपना स्वदेशी 4G स्टैक विकसित किया है, जिसे 5G में अपग्रेड किया जा सकता है। इसके साथ ही Bharat 6G Mission के तहत 6G रिसर्च और विकास में तेजी आई है। मंत्रालय ने बताया कि यह तकनीक केवल दो वर्षों में विकसित की गई, जबकि अन्य देशों में इसे विकसित होने में दशकों लगे।

भारत तकनीकी आत्मनिर्भरता और नवाचार में वैश्विक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह न केवल 5G बल्कि आने वाले 6G युग में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा और तकनीकी नेतृत्व को मजबूत करेगा। यूजर्स की संख्या के मामले में भारत दुनिया में दूसरा स्थान रखता है। नेटवर्क रोलआउट की गति और स्वदेशी तकनीक के मामले में भारत कई विकसित देशों से आगे है। यह वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति को मजबूत करता है और डिजिटल इंडिया को भविष्य की तकनीकी रीढ़ के रूप में स्थापित करता है।

भारत का 5G अनुभव यह दिखाता है कि नीति, निवेश और तकनीकी नवाचार मिलकर बड़े पैमाने पर डिजिटल बदलाव ला सकते हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संतुलित डिजिटल कवरेज, डेटा आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती और स्वदेशी नेटवर्क व 6G के लिए तैयारियों ने भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर स्थापित कर दिया है। 5G अब सिर्फ तेज इंटरनेट नहीं बल्कि डिजिटल इंडिया की रीढ़ और भविष्य के स्मार्ट शहरों, AI और इंडस्ट्री 4.0 के प्लेटफॉर्म को गति देने वाला महत्वपूर्ण आधार बन चुका है।

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