नई दिल्ली : भारत में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के आंकड़े लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा शिकार दोपहिया वाहन चालक हो रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2019 से 2023 के बीच पांच वर्षों में देश में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 7 लाख 78 हजार लोगों की जान गई। इनमें से करीब 3 लाख 35 हजार मौतें सिर्फ दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में हुई हैं। यानी सड़क हादसों में होने वाली कुल मौतों का एक बड़ा हिस्सा मोटरसाइकिल और स्कूटर से जुड़ा हुआ है।
भारत के शहरी और ग्रामीण जीवन में दोपहिया वाहन बेहद जरूरी साधन हैं। ऐसे में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार नए कदम उठाने जा रही है। दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) को और सख्ती से लागू करने का फैसला लिया गया है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया है कि इस साल 1 जनवरी से निर्मित सभी दोपहिया वाहनों में यहां तक कि 125 सीसी से कम इंजन क्षमता वाली बाइक और स्कूटरों में भी ABS अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके साथ ही नए वाहन खरीदते समय ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता वाले और प्रमाणित हेलमेट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने पर भी मंत्रालय जोर दे रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक ABS होने से अचानक ब्रेक लगाने पर पहियों के लॉक होने का खतरा कम होता है और दुर्घटना की संभावना भी काफी हद तक घट जाती है।
सिर्फ तकनीक ही नहीं चालकों में जागरूकता बढ़ाना भी बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार का मानना है कि हेलमेट का उपयोग गति नियंत्रण और ट्रैफिक नियमों का पालन करने से कई जानें बचाई जा सकती हैं।