आज से कोलकाता समेत राज्य के सभी जिलों में 'बांग्लार युवा साथी' परियोजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गयी। इस परियोजना के तहत 21 से 40 वर्षीय बेरोजगार युवा आवेदन कर सकते हैं। ऐसे युवक-युवतियों को प्रतिमाह ₹1500 का भत्ता प्रदान किया जाएगा। उन्हें अगले 5 सालों तक यह भत्ता दिया जाएगा। इसके बाद रिव्यू होगा।
हुगली जिले में भी पहले दिन फॉर्म लेने के लिए बड़ी संख्या में युवा पहुंचे। इनमें से कोई नौकरी के लिए तैयारियां कर रहा है तो कोई अगले साल उच्च माध्यमिक की परीक्षा देगा। इसी लाइन में एक ऐसा युवक भी खड़ा था जो PhD. का शोधार्थी भी है।
उक्त युवक का कहना है कि अगर सरकार भत्ता दे रही है तो उसे लेने में हर्ज कैसा? चुंचुड़ा के रवींद्र भवन में 'आत्मनिर्भर बंगाल' (बांग्ला नाम : स्वनिर्भर बांग्ला) का शिविर लगाया गया है। यहां एक ही जगह पर 4 सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। युवा साथी परियोजना का फॉर्म वितरित करने के साथ-साथ लक्ष्मी भंडार, खेतीहर मजदूरों के लिए सहायता और किसानों के लिए सिचाईं का पानी इस्तेमाल करने के लिए निर्धारित जलकर माफी से संबंधित प्रचार पत्र भी वितरित किया जा रहा है। 26 फरवरी तक यह शिविर चलेगा।
इसी शिविर में पहुंचा तुहिन कुमार नाथ विश्वभारती यूनिवर्सिटी में PhD. का शोधार्थी है। आवश्यक दस्तावेज लेकर वह भी परियोजना की लाइन में खड़ा है। तुहिन कुमार नाथ का कहना है कि मुझे लगता है कि सरकार का यह फैसला आम लोगों की भलाई के लिए ही लिया गया है।
जो नौकरी करना चाहेगा उसे अगर भत्ता मिले तब भी वह नौकरी करना चाहेगा और अगर नहीं मिली तब भी वह चाहेगा। जब तक नौकरी नहीं मिलती है तब तक सरकार सहायता कर रही है, यहीं बहुत बड़ी बात है। सभी को आर्थिक सहायता की जरूरत होती है।
उसी तरह से सरकारी नौकरी पाने की कोशिश कर रहे सौम्यजीत घोषाल का भी कहना है कि सरकार ने हमारे बारे में सोचकर ही इस परियोजना को शुरू किया है। सरकारी नौकरी की परीक्षा के लिए फॉर्म भरने के लिए भी तो रुपयों की जरूरत होती है। हम जनरल श्रेणी से हैं इसलिए शुल्क भी ज्यादा होता है। हर महीने 1500 रुपया मिलने पर हमारी मदद हो जाएगी।
बड़ी संख्या में युवक व युवतियां आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड की फोटोकॉपी, माध्यमिक का एडमिट कार्ड और रिजल्ट की सेल्फ अटेच्टेड फोटोकॉपी लेकर फॉर्म भरने की लाइन में खड़े हो गए हैं।