कोलकाता : राज्य के नए खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने साफ कर दिया है कि अब केवल क्रिकेट ही नहीं बल्कि ओलंपिक खेलों सहित हर खेल पर बराबर ध्यान दिया जाएगा। उनका कहना है कि राज्य का खेल विभाग अब शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों से भी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खोजकर आगे लाने पर काम करेगा।
सोमवार को खेल विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद निशीथ प्रमाणिक ने कहा कि राज्य के हर जिले में खेलों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। उनका लक्ष्य ऐसे खिलाड़ियों को सामने लाना है जिन्हें अब तक सही अवसर नहीं मिल पाया।
सभी खेलों को मिलेगा बढ़ावा
निशीथ प्रमाणिक ने कहा कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल को सिर्फ क्रिकेट में नहीं बल्कि फुटबॉल, एथलेटिक्स और अन्य खेलों में भी आगे ले जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश रहेगी कि हर खेल में बंगाल की पहचान मजबूत हो और खिलाड़ी राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करें।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में खेल विभाग ने कोई ठोस काम नहीं किया। उनका कहना था कि राज्य के कई स्टेडियम और खेल संघों की हालत बेहद खराब हो चुकी है।
मंत्री ने कहा कि जिलों में मौजूद स्टेडियम और विभिन्न खेल संघों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। अब इन सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह नए तरीके से तैयार किया जाएगा।
सेंटर फॉर एक्सीलेंस परियोजना फिर होगी शुरू
केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रहने के दौरान निशीथ प्रमाणिक ने न्यू कूचबिहार में रेलवे की जमीन पर लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से एक ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ परियोजना शुरू करने की पहल की थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय राज्य सरकार के सहयोग की कमी के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब उन्होंने संकेत दिया है कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद इस परियोजना पर दोबारा काम शुरू किया जाएगा।
खेलो इंडिया और अन्य प्रतियोगिताओं पर भी रहेगा फोकस
निशीथ प्रमाणिक ने कहा कि पहले राज्य से ‘खेलो इंडिया’, ‘स्कूल गेम्स’ और ‘ट्राइबल गेम्स’ जैसी प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता था। अब इस स्थिति को बदलने के लिए सभी खेल संगठनों के साथ बैठक की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि खेल क्षेत्र में परिवारवाद की जो छाया बनी हुई है उसे खत्म करने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे। मंत्री के मुताबिक प्रतिभा के आधार पर खिलाड़ियों को मौका देना ही उनकी प्राथमिकता होगी।