कोलकाता : लियोनेल मेसी के 2025 के भारत दौरे से जुड़ी अव्यवस्था को लेकर अब टूर आयोजक शतद्रु दत्त ने बड़ा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें प्रशासन और पुलिस की कथित विफलताओं को छिपाने के लिए 'बलि का बकरा' बनाया गया। शतद्रु दत्त ने यह भी कहा कि उनकी गिरफ्तारी का विरोध खुद लियोनेल मेसी ने किया था।
दिसंबर 2025 में ‘GOAT टूर' के तहत लियोनेल मेसी भारत आए थे। दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई में यह आयोजन बिना किसी बड़ी समस्या के संपन्न हुआ था लेकिन कोलकाता में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई थी। युवा भारती क्रीड़ांगन में भारी भीड़ मैदान के अंदर घुस गई थी और मेसी को घेर लिया था। इसके कारण आम दर्शक फुटबॉल स्टार को ठीक से देख भी नहीं पाए थे। इस घटना के बाद शतद्रु दत्त को गिरफ्तार किया गया था।
NDTVको दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में शतद्रु दत्त ने पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि कोलकाता से अगली मंजिल के लिए रवाना होने से पहले उन्हें विमान के अंदर से गिरफ्तार किया गया था। उनके अनुसार उसी समय लियोनेल मेसी ने भी उनकी गिरफ्तारी का विरोध किया था।
शतद्रु दत्त ने कहा कि मुझे इतने दिनों तक बोलने का मौका नहीं दिया गया। इसलिए मैं सही समय का इंतजार कर रहा था। अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए मुझे बलि का बकरा बनाया गया। यह पूरी तरह प्रशासन और पुलिस की नाकामी थी। मैं आयोजनकर्ता था लेकिन कानून-व्यवस्था संभालना मेरी जिम्मेदारी नहीं थी। मुझे लगा था कि तय योजना के अनुसार पुलिस पूरी स्थिति संभाल लेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने दावा किया कि तीन वर्षों की योजना के बाद आयोजित यह टूर अंततः राष्ट्रीय शर्मिंदगी में बदल गया। युवा भारती क्रीड़ांगन में प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों के प्रवेश को लेकर उस समय भी विवाद खड़ा हुआ था। शतद्रु के अनुसार तत्कालीन मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए वहां Z+ श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था थी इसके बावजूद कई लोग प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गए जिनका आयोजन से कोई संबंध नहीं था।
शतद्रु दत्त ने कहा कि मुझे लगा था कि मैदान खासकर खेलने का क्षेत्र खाली रहेगा। लेकिन मैंने देखा कि प्रभावशाली लोग केवल तस्वीर खिंचवाने के लिए मैदान में घुस आए। मैंने इस भीड़ की जानकारी पुलिस कमिश्नर और डीजीपी को दी थी। जिन पुलिस अधिकारियों को अंदर नहीं होना चाहिए था वे भी अंदर पहुंच गए थे। लेकिन किसी अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति को तस्वीर लेने से रोकने का अधिकार मेरे पास नहीं था। ऐसा करने पर नियमों का उल्लंघन होता।
उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरी अव्यवस्था से लियोनेल मेसी बेहद असहज महसूस कर रहे थे। उनके मुताबिक कई अनजान लोग मेसी को छूने की कोशिश कर रहे थे और उनके चेहरे पर असहजता साफ दिखाई दे रही थी। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि सेल्फी लेने की कोशिश में किसी ने मेसी के साथी रोद्रिगो डे पॉल के हाथ पर खरोंच तक मार दी थी।
शतद्रु दत्त ने एक बार फिर पूरे घटनाक्रम के लिए प्रशासनिक विफलता को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यदि सुरक्षा व्यवस्था ठीक तरीके से लागू होती तो ऐसी स्थिति कभी पैदा नहीं होती।