बीजिंग : चीन के शंघाई में आयोजित विश्व कप स्टेज-2 प्रतियोगिता में रिकर्व तीरंदाजी में भारत की महिला टीम ने स्वर्ण पदक जीत लिया। रविवार को खेले गए महिला टीम फाइनल में भारत ने मेजबान चीन को बेहद रोमांचक शूट-ऑफ में 5-4 से हराया। हालांकि भारत की इस स्वर्णिम सफलता की सबसे बड़ी उपलब्धि सेमीफाइनल में 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराना रही।
भारत की महिला टीम ने इससे पहले वर्ष 2021 में ग्वाटेमाला सिटी और पेरिस विश्व कप चरणों में स्वर्ण पदक जीता था। उसके बाद पांच वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारतीय टीम फिर से स्वर्ण जीतने में सफल रही। उस पिछली सफलता की प्रमुख खिलाड़ी रही दीपिका कुमारी ने इस बार भी जीत की मुख्य शिल्पकार की भूमिका निभाई।
वर्ष 2010 से विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतना शुरू करने वाली 32 वर्षीय दीपिका कुमारी ने एक बार फिर अपनी सटीक निशानेबाजी से प्रभावित किया। फाइनल के नौ सेटों में सबसे अधिक 10 अंक हासिल करने वाली खिलाड़ी भी वही रहीं। इस जीत के साथ दीपिका के नाम अब सात विश्व कप स्वर्ण पदक हो गए हैं। उनके साथ इस बार कोलकाता की अंकिता भक्त और 17 वर्षीय नवोदित तीरंदाज कुमकुम मोहंती भी टीम का हिस्सा थीं।
फाइनल मुकाबले में शुरुआत में दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर थीं। इसके बाद भारतीय टीम 2-4 से पीछे हो गई। लेकिन दीपिका और उनकी साथियों ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर 4-4 कर दिया जिससे मुकाबला शूट-ऑफ तक पहुंचा। निर्णायक क्षणों में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहद संयम बनाए रखा और अंततः मुकाबला अपने नाम कर लिया।
वहीं महिला एकल वर्ग में पदक की उम्मीद जगाने वाली सिमरनजीत सिंह सेमीफाइनल में हार गईं। फाइनल में प्रवेश की लड़ाई में उन्हें विश्व नंबर एक दक्षिण कोरिया की कांग चेयॉन्ग के खिलाफ पराजय झेलनी पड़ी। इसके बाद कांस्य पदक के प्ले-ऑफ मुकाबले में भी वह दक्षिण कोरिया की जैंग मिनही से हार गईं।