रियाद : अल नासर के मैनेजमेंट के खिलाफ विरोध करते हुए क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने सऊदी प्रो लीग के लगातार दो मैचों में हिस्सा नहीं लिया। सऊदी प्रो लीग की ओर से उन्हें कड़ा संदेश दिए जाने के बावजूद वह अपने फैसले पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि अगर क्लब के मैनेजमेंट में बदलाव नहीं हुआ तो वह आगे भी मैदान पर नहीं उतर सकते। हालांकि CR7 के नाराज होकर बगावत का रुख अपनाने के बावजूद अल नासर अपने फैसले पर कायम है और अब रोनाल्डो के खिलाफ कड़े कदम उठाने की तैयारी में है।
मौजूदा सीजन के साथ ही अल नासर और रोनाल्डो के बीच का करार समाप्त हो रहा है। इससे पहले ही रोनाल्डो और क्लब मैनेजमेंट के बीच का विवाद नया मोड़ ले चुका है। रोनाल्डो अल नासर की ओर से पिछले दो मैचों में नहीं खेले। उनका आरोप है कि भले ही अल नासर समेत चार क्लबों का मालिक सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड हो लेकिन टीम गठन के समय अल नासर को अन्य क्लबों की तरह खर्च करने की छूट नहीं मिल रही है। इसी वजह से अल नासर बाकी टीमों से पीछे रह जा रहा है।
सऊदी अरब के मीडिया के मुताबिक सऊदी प्रो लीग का मैनेजमेंट रोनाल्डो के व्यवहार से नाराज है। उन्होंने पहले ही साफ कर दिया है कि क्लब से बड़ा कोई खिलाड़ी नहीं होता। अगर यह स्थिति बनी रहती है तो रोनाल्डो को हटाकर किसी नए खिलाड़ी को चुनने पर विचार किया जाएगा।
इस स्थिति में क्लब मोहम्मद सलाह और ब्रूनो फर्नांडिस को टीम में शामिल कर सकता है। फिलहाल लिवरपूल के साथ सलाह के रिश्ते अच्छे नहीं बताए जा रहे हैं और उनके क्लब छोड़ने की अटकलें भी तेज हैं। ऐसे में अल नासर उन्हें अपनी टीम में शामिल कर सकता है। ऐसा होने पर स्थानीय दर्शकों के बीच टीम की स्वीकार्यता और बढ़ेगी। सलाह मिस्र के हैं इसलिए अरब फुटबॉल प्रशंसकों का ध्यान उन पर रहेगा। इसके अलावा सलाह का मुस्लिम होना भी क्लब के लिए अतिरिक्त फायदा माना जा रहा है।
अब यह देखने वाली बात होगी कि रोनाल्डो आगे किस क्लब का रुख करते हैं। अल नासर के साथ रोनाल्डो के अनुबंध में 43 मिलियन पाउंड का ट्रांसफर क्लॉज शामिल है। अगर करार खत्म होने से पहले रोनाल्डो या अल नासर में से कोई भी अलग होना चाहता है तो उस राशि का भुगतान करना होगा।