हैदराबाद/कोलकाता: असदुद्दीन ओवैसी ने बताया कि उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी।
ओवैसी ने कहा कि वह 25 मार्च को कोलकाता में हुमायूं कबीर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इससे पहले, हुमायूं कबीर ने कहा कि गठबंधन के तहत AIMIM करीब 8 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
इसको लेकर तृणमूल कांग्रेस ने तीखा तंज कसा। रविवार को तृणमूल के एक प्रवक्ता ने कहा, “AIMIM को भाजपा पैसा देती है। हैदराबाद के बाहर उन्हें कोई नहीं जानता।”
चुनाव आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे-पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा 29 अप्रैल 2026 को। मतगणना 4 मई को होगी।
पहले चरण में 152 सीटों के लिए 30 मार्च को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अप्रैल है, जांच 7 अप्रैल को होगी और 9 अप्रैल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
दूसरे चरण में 142 सीटों के लिए 2 अप्रैल को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन की आखिरी तारीख 9 अप्रैल, जांच 10 अप्रैल और नाम वापसी की अंतिम तारीख 13 अप्रैल तय की गई है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल 6,45,61,152 मतदाता हैं। इनमें 6,44,52,609 सामान्य मतदाता और 1,08,543 सेवा मतदाता शामिल हैं। 18-19 वर्ष के 5,23,229 नए मतदाता भी हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं। इस बार मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच माना जा रहा है। राज्य में पिछला विधानसभा चुनाव 2021 में आठ चरणों में हुआ था, जिसमें ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी, जबकि कांग्रेस और वाम दलों को कोई सीट नहीं मिली थी। तृणमूल कांग्रेस 2011 से राज्य की सत्ता में बनी हुई है।