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पहलगाम में आतंकी हमला: गो-प्रो कैमरे की जानकारी के लिए अब चीन से संपर्क करेगी NIA

सोमवार को जम्मू अदालत ने एनआईए को इस संबंध में अनुमति दी

By अयंतिका साहा, Posted by: प्रियंका कानू

Mar 03, 2026 15:00 IST

जम्मू: 2025 के अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में एनआईए का बड़ा कदम। सूत्रों के अनुसार, हमले में इस्तेमाल अत्याधुनिक गो-प्रो कैमरे के रहस्य को सुलझाने के लिए अब जांच एजेंसी चीन की मदद लेने जा रही है। कैमरे के स्रोत और स्वामित्व से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए यह पहल की गई है। इस संबंध में जानकारी पाने के लिए भारत की केंद्रीय जांच एजेंसी बीजिंग को कानूनी अनुरोध या लेटर रोगेटरी भेजने जा रही है। सोमवार को जम्मू अदालत ने एनआईए को इसकी अनुमति दे दी।

जांचकर्ताओं का दावा है कि हमले से पहले इलाके की रेकी की गई थी। उस दौरान आतंकियों की गतिविधियों और तैयारी से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूत इस कैमरे में छिपे हो सकते हैं। पहलगाम हमले की जांच के दौरान एनआईए के अधिकारियों ने C3501325471706 सीरियल नंबर वाला एक कैमरा बरामद किया। डिवाइस के स्रोत का पता लगाने के लिए पहले नीदरलैंड स्थित गो-प्रो कंपनी के मुख्यालय से संपर्क किया गया। वहां से जानकारी मिली कि संबंधित कैमरा चीन के AE ग्रुप इंटरनेशनल लिमिटेड नामक एक डिस्ट्रीब्यूटर को सप्लाई किया गया था।

सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह है कि 30 जनवरी 2024 को चीन के दोंगगुआन इलाके में इस कैमरे को पहली बार सक्रिय किया गया था। चूंकि कैमरे की खरीद-फरोख्त और शुरुआती उपयोग से जुड़ी सारी जानकारी चीन के अधिकार क्षेत्र में आती है इसलिए खरीदार या उपयोगकर्ता का पता लगाने के लिए चीनी अधिकारियों की कानूनी मदद जरूरी है, यह बात एनआईए ने अदालत में कही है।

जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि पहलगाम हमले से जुड़े तीन आतंकियों को पिछले साल 28 जुलाई को दाचीगाम वन क्षेत्र में एक मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने मार गिराया था लेकिन इस आतंकी मॉड्यूल के पीछे की बड़ी साजिश और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करने के लिए अब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक और डेटा संबंधी जांच पर जोर दिया जा रहा है। अदालत द्वारा एनआईए की याचिका मंजूर किए जाने के बाद अब चीन से मिलने वाली जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि चीन में सक्रिय किया गया कैमरा सीमा पार कर घाटी के आतंकियों तक कैसे पहुंचा।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन वैली में आतंकियों ने अचानक हमला किया था। उस हमले में 25 पर्यटक और एक घुड़सवार की मौत हो गई थी। इस नरसंहार के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए थे। इसके जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू कर पाकिस्तान और अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया था। बाद में दोनों देशों के बीच युद्धविराम की घोषणा हुई।

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