कोलकाताः होली की सुबह कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में एक पुराने मकान का हिस्सा गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना इलियट रोड पर हुई, जहां एक 150 साल से अधिक पुराना घर प्रभावित हुआ। अच्छी बात यह रही कि हादसे के समय घर में कोई नहीं था। इस वजह से किसी की जान नहीं गई और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
कब और कैसे हुआ हादसा?
होली की सुबह इलियट रोड स्थित इस पुराने मकान की छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक गिर पड़ा। नीचे आंगन में रखी स्कूटर और साइकिल पर मलबा जा गिरा। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि वह कुछ सेकंड पहले ही वहां से हटे थे, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी। पार्क स्ट्रीट थाने की टीम सक्रिय रूप से लोगों से संपर्क कर रही है। घर के रहने वाले सदस्य फिलहाल बाहर हैं और सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
मकान की हालत कैसी थी?
यह मकान कम से कम 150 साल पुराना है और लंबे समय से मरम्मत नहीं हुई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारत की हालत पहले से ही जर्जर थी, जिसकी वजह से ऐसा हादसा हुआ। कोलकाता में पुरानी इमारतों के ढहने की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं। बारिश के दिनों में जर्जर मकानें अक्सर ढह जाती हैं।
क्या भूकंप की वजह से मकान ढहा?
बांग्लादेश में 27 फरवरी को 5.3 से 5.5 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप के झटके कोलकाता और आसपास के इलाकों में महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र कोलकाता से करीब 80-90 किमी दूर था और यह मध्यम तीव्रता का था। शहर में कोई बड़ी क्षति या मौत की खबर नहीं आई। हालांकि पुरानी और कमजोर इमारतों पर इसका असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस भूकंप से संरचनात्मक कमजोरी वाली पुरानी इमारतों में दरारें आ सकती हैं या वे और कमजोर हो सकती हैं। ऐसे मकानों का बाद में गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
हालांकि, इस खास हादसे में भूकंप को मुख्य वजह बताना अभी पुष्ट नहीं है-प्राथमिक जांच में जर्जर संरचना को ज्यादा जिम्मेदार माना जा रहा है। पुलिस और प्रशासन सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। बंगाल में ऐसी अनगिनत पुरानी इमारतें हैं जिनका रखरखाव नहीं किया जाता है। इन मकानों की मरम्मत पर ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। कोलकाता में ऐसी पुरानी इमारतों की सुरक्षा के लिए नियमित निरीक्षण और मरम्मत की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।