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ईरान–इज़राइल संघर्ष का सीधा असर: बहरीन से यूएई तक 5 और 6 मार्च की CBSE कक्षा 10 और 12 बोर्ड परीक्षाएं स्थगित

7 मार्च की परीक्षा पर 5 मार्च को होगा फैसला, छात्रों को स्कूलों से संपर्क में रहने की सलाह

By डॉ अभिज्ञात

Mar 03, 2026 17:10 IST

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने मंगलवार को पश्चिम एशिया के कुछ देशों में 5 और 6 मार्च को निर्धारित कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं क्षेत्र में जारी संघर्ष के मद्देनज़र स्थगित कर दी हैं।

CBSE द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, बोर्ड 5 मार्च को बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की स्थिति की समीक्षा करेगा ताकि 7 मार्च से निर्धारित परीक्षाओं पर निर्णय लिया जा सके।

परिपत्र में कहा गया है कि मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई की वर्तमान स्थिति की गंभीर समीक्षा के बाद बोर्ड ने 5 मार्च 2026 गुरुवार और 6 मार्च 2026 शुक्रवार को आयोजित होने वाली कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं स्थगित करने का निर्णय लिया है। नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी। बोर्ड 5 मार्च 2026 गुरुवार को स्थिति की समीक्षा करेगा और 7 मार्च से आगे निर्धारित परीक्षाओं के संबंध में उपयुक्त निर्णय लेगा। सभी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपडेट के लिए अपने स्कूलों के संपर्क में रहें और केवल आधिकारिक घोषणाओं पर ही ध्यान दें।

ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने भी यह जानकारी साझा करते हुए छात्रों को नियमित रूप से अपने विद्यालयों से संपर्क बनाए रखने और केवल CBSE की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने और अफवाहों से बचने की सलाह दी है।

इससे पहले रविवार को भी CBSE ने 2 मार्च को निर्धारित परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं।

यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के कई शहरों में सैन्य कमांड केंद्रों, वायु-रक्षा प्रणालियों और मिसाइल ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई सहित चार वरिष्ठ सैन्य व सुरक्षा अधिकारी मारे गए थे और तेहरान सहित कई शहरों में बड़े विस्फोटों की खबरें सामने आई थीं।

इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल, बहरीन, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन समेत क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे पश्चिम एशिया में संघर्ष और फैल गया तथा नागरिकों और प्रवासियों के लिए जोखिम बढ़ गया।

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