मुंबई: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के डोंबिवली और कल्याण इलाके की 9 हजार से अधिक महिलाओं और छात्राओं ने एक साथ सामूहिक लेजिम नृत्य कर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसके साथ ही सबसे ज्यादा संख्या में लेजिम नृत्य करने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड डोंबीवली की इन महिलाओं के नाम पर दर्ज हो चुका है। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर डोंबीवली और कल्याण इलाके की 9,111 महिलाओं व युवतियों ने लेजिम नृत्य की शानदार प्रस्तुती दी। यह प्रस्तुति लगभग साढ़े पांच मिनट तक चला।
Dombivli's Lezim Guinness World Record is a celebration of women's strength and unity! #DombivlikarNariShakti #LezimGuinnessWorldRecord pic.twitter.com/m43O4X2Mhh
Rishi Bagree (@rishibagree) March 8, 2026
लोकमत से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम डोंबिवलिकर एक सांस्कृतिक परिवार और कल्याण तालुका शारीरिक शिक्षा समिति के संयुक्त आयोजन में हुआ। इस भव्य आयोजन में ठाणे जिले के विभिन्न स्कूलों की सैंकड़ों छात्राएं और महिलाएं शामिल हुईं और उन्होंने परंपरागत लेजिम का सामूहिक प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर उपस्थित गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि स्वप्निल डांगरेकर (लंदन) ने इसे नया रिकॉर्ड घोषित किया। उन्होंने विश्व रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र व पदक स्थानीय विधायक रविंद्र चव्हाण की पत्नी सुहासिनी चव्हाण को सौंपा।
बता दें, इससे पहले महाराष्ट्र के सांगली इलाके की सांगली शिक्षण संस्था की 7,338 प्रतिभागियों ने 26 जनवरी 2014 को लेजिम नृत्य कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
विश्व रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र व पदक X
विधायक रविंद्र चव्हाण ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और शिक्षकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि लेज़िम महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे संरक्षित करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने महिलाओं और छात्राओं की इस सामूहिक भागीदारी को सशक्तिकरण, एकता और समर्पण का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महिलाओं और छात्राओं के इस अद्भुत प्रदर्शन की सराहना की। डोंबिवली के हजारों निवासियों ने ढोल-झांझ की थाप और जयकारों के साथ इस विश्व रिकॉर्ड का स्वागत किया। पूरा आकाश भारत माता की जय, जय श्री राम और वंदे मातरम के नारों से गूंज उठा। यह ऐतिहासिक आयोजन न केवल महिलाओं की शक्ति और प्रतिभा को दर्शाता है बल्कि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और युवा पीढ़ी में एकता का संदेश भी देता है।