नई दिल्लीःरविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली में भारत की पहली ‘रिंग मेट्रो’ का उद्घाटन किया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए रूट के शुरू होने से दिल्ली की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा।
यह नया मार्ग मजलिस पार्क से मौजपुर और दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक फैला हुआ है। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री ने नए रूट के उद्घाटन के साथ-साथ मेट्रो के तीन नए कॉरिडोर के निर्माण का शिलान्यास भी किया।
रिंग मेट्रो क्या है?
रिंग मेट्रो दिल्ली का एक वृत्ताकार रेल मार्ग है। यह मूल रूप से दिल्ली मेट्रो पिंक लिंक का एक बड़ा लूप है, जो दिल्ली के इनर रिंग रोड के साथ-साथ चलेगा।
नए हिस्से के जुड़ने के बाद पूरा रूट अब लगभग 72 किलोमीटर लंबा हो गया है। यह भारत का पहला मेट्रो मार्ग है जो शहर के प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को एक गोलाकार नेटवर्क में जोड़ता है। इससे शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi inaugurates and lays the foundation stone of multiple projects worth Rs 15,200 crore under the General Pool Residential Accommodation (GPRA) Redevelopment Plan.
— ANI (@ANI) March 8, 2026
(Source: DD) pic.twitter.com/uEPg3EoNjc
तीन नई मेट्रो परियोजनाओं की घोषणा
उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री ने मेट्रो के भविष्य की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने फेज-5 (ए) परियोजना के तहत तीन नए कॉरिडोर का शिलान्यास किया।
इनमें शामिल हैं: रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर और गोल्डन लाइन के तहत एरोसिटी से IGI एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक विस्तार। तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक नई मेट्रो लाइन।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क और अधिक मजबूत हो जाएगा।