नई दिल्ली: मार्च की शुरुआत से ही उत्तर भारत में गर्मी से लोगों की हालत बेहाल है। इस महीने के पहले सप्ताह में ही दिल्ली का तापमान पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ चुका है। शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बताया है कि पिछले 50 वर्षों में मार्च के पहले सप्ताह में दिल्ली में इतनी गर्मी कभी नहीं पड़ी। इससे पहले वर्ष 1999 में तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। इस बार दिल्ली ने वह रिकॉर्ड भी पार कर लिया है। केवल दिल्ली ही नहीं, हरियाणा से लेकर उत्तराखंड तक तेज धूप से आम लोग परेशान हैं।
पहाड़ और मैदानी इलाकों में भी गर्मी से बेहाल हालात
दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी गर्मी का असर काफी ज्यादा है। वहां तापमान सामान्य से लगभग 6 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। हरियाणा के हिसार में शनिवार को तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, उत्तराखंड में भी गर्मी लगातार बढ़ रही है। देहरादून का न्यूनतम तापमान पिछले दो-तीन दिनों में अचानक काफी बढ़ गया है। पर्यटन शहरों में भी अब तेज धूप देखने को मिल रही है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक हर जगह सामान्य से अधिक गर्मी से लोग परेशान हैं।
हिमाचल में हीटवेव की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश में स्थिति और भी चिंताजनक है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सोलन जिलों में गर्म हवाएं या ‘हीटवेव’ चल सकती हैं। शनिवार को हिमाचल के ऊना जिले में सबसे अधिक तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आमतौर पर इस समय पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडक रहती है लेकिन इस बार वहां भी तेज धूप के कारण लोगों को छाता लेकर बाहर निकलना पड़ रहा है।
कश्मीर में बारिश का इंतजार
जम्मू-कश्मीर में भी पिछले कुछ दिनों से अच्छी-खासी गर्मी महसूस की जा रही है। भारतीय मौसम विभाग ने बताया है कि 10 से 12 मार्च के बीच मौसम में बदलाव हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश होने की संभावना है। बारिश होने पर तेज धूप से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि फिलहाल अगले कुछ दिनों तक पूरे उत्तर भारत में गर्मी का असर बना रहने की संभावना है।