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रूस से ईंधन खरीदने के लिए अमेरिका की मंजूरी मिलते ही शुरू हुई राजनीतिक तकरार

कांग्रेस का आरोप कि देश की विदेश नीति कैसी होगी, यह तय करने के लिए अमेरिका की अनुमति लेनी पड़ रही है।

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में युद्ध के माहौल के बीच रूस से ईंधन आयात करने के लिए भारत को अमेरिका ने मंजूरी दी है। ईरान और पश्चिम एशिया की स्थिति को देखते हुए अगले 30 दिनों तक भारत रूस से तेल खरीद सकता है, ऐसा अमेरिका ने बताया है। इस घोषणा के बाद ही राजनीतिक तकरार शुरू हो गई है।

भाजपा का दावा है कि यह मंजूरी भारत की कूटनीतिक जीत है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति के कारण ही यह सफलता मिली है। हालांकि विपक्षी दल कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार ने रणनीतिक आत्मसमर्पण किया है। उनका कहना है कि अब देश की विदेश नीति क्या होगी, यह तय करने के लिए अमेरिका की अनुमति लेनी पड़ रही है। यह घटना उसी का प्रमाण है, ऐसा भी कांग्रेस का कहना है।

रूस से ईंधन खरीदने को लेकर अमेरिका ने पहले प्रतिबंध लगाया था। रूस से ईंधन आयात बंद करने की शर्त पर ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ कम किया था। हालांकि ईरान युद्ध के कारण ईंधन तेल को लेकर संकट पैदा हो गया है। इस स्थिति में रूस से ईंधन खरीदने के लिए अमेरिका ने भारत को मंजूरी दी है। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बताया कि 6 अप्रैल तक भारत रूस से ईंधन आयात कर सकता है।

इसके बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। सोशल मीडिया पर उन्होंने आरोप लगाया कि देश की विदेश नीति को दरकिनार कर एक व्यक्ति के साथ समझौता किया गया है। इसी तरह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और राष्ट्रीय संप्रभुता गंभीर खतरे में है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी एपिस्टिन फाइल्स और अदाणी मामले में ब्लैकमेल हो रहे हैं।



इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि रूस या किसी अन्य देश से ईंधन खरीदने के लिए अमेरिका की अनुमति क्यों जरूरी होगी। रूस से तेल खरीदने को लेकर कोई लिखित निर्देश है या नहीं, इसे लेकर भी विपक्ष के नेता सवाल उठा रहे हैं। हालांकि भाजपा का कहना है कि ईंधन को लेकर प्रधानमंत्री के कूटनीतिक कदमों के कारण यह सफलता मिली है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी के अनुसार प्रधानमंत्री के कदमों से देश को जो कूटनीतिक सफलता मिल रही है, उसे राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दावा किया है कि देश में फिलहाल पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है। हालांकि पश्चिम एशिया के संकट के समय इस मंजूरी से भारत को फायदा होगा, ऐसा उन्होंने समाचार एजेंसी को बताया।

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