गुवाहाटी: साथ में था सुखोई। उसी युद्धविमान के साथ 'ऑपरेशन सिंदूर' में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी अड्डों को ध्वस्त किया गया था। ऐसे वीर भारतीय वायुसेना के फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर की दुर्घटना में मृत्यु हो गई। उनके परिवार में शोक का माहौल है। असम के कार्बी आंगलोंग जिले में गुरुवार को भारतीय वायुसेना का सुखोई Su-30MKI युद्धविमान क्रैश हो गया। बताया गया है कि प्रशिक्षण के दौरान ही यह दुर्घटना हुई। इसी दुर्घटना में पूर्वेश दुरागकर की मृत्यु हो गई। उनके साथ स्क्वाड्रन लीडर अनुज की भी मृत्यु हुई।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर भारतीय वायुसेना के कुशल पायलटों में से एक थे। उनका घर महाराष्ट्र के नागपुर में था। शुक्रवार को यह जानकारी सामने आई कि 'ऑपरेशन सिंदूर' में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
पूर्वेश के पिता ने बताया, 'उन्हें पहले यह नहीं पता था कि उनका बेटा 'ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़ा हुआ था। भारत-पाकिस्तान संघर्ष समाप्त होने के 15 दिन बाद उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली। ऑपरेशन के दौरान उसके पास कोई फोन नहीं था और हमारा उससे कोई संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। भारतीय वायुसेना से जुड़कर वह बहुत गर्व महसूस करता था। वह 10 दिन पहले ही घर आया था और हम सबने साथ में भोजन किया था।'
गुरुवार को असम के जोरहाट से प्रशिक्षण के लिए सुखोई युद्धविमान ने उड़ान भरी थी। इसके कुछ समय बाद ही विमान का रेडार से संपर्क टूट गया। भारतीय वायुसेना ने उसी रात अपने X हैंडल पर विमान के लापता होने की जानकारी दी थी। शुक्रवार सुबह बताया गया कि सुखोई युद्धविमान क्रैश हो गया है। जोरहाट एयरबेस से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग के एक पहाड़ी इलाके में विमान के मलबे बरामद किए गए।