अहमदाबाद : एक के बाद एक मैच में मौका मिलने के बावजूद नाकाम। सात मैचों में उनके बल्ले से आए हैं मात्र 89 रन। इसमें तीन शून्य भी शामिल हैं। रविवार को विश्वकप के फाइनल में उतरने से पहले भारत और भारतीय समर्थकों की चिंता बढ़ा रहे हैं अभिषेक शर्मा। हर मैच में पावरप्ले में विकेट फेंककर आना धीमी गति की गेंदों को खेलने में परेशान होना जैसे इस टूर्नामेंट में अभिषेक की आदत बन गई है। इसके बाद भी इस युवा ओपनर पर भरोसा बनाए रखा है भारतीय टीम मैनेजमेंट ने और इसी बात से भारत के पूर्व क्रिकेटर सुनील गवास्कर बेहद नाराज हो गए हैं। इसलिए फाइनल से पहले उन्होंने हेड कोच गौतम गंभीर को इस मैच में अभिषेक को बिठाने की सलाह दी है।
चालू विश्वकप में सात मैच खेलकर चार बार स्पिनरों के सामने अपना विकेट गंवा चुके हैं अभिषेक शर्मा। क्रीज पर सेट हुए बिना ही शुरुआत से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में आउट हुए हैं और लगभग हर मैच में यही पैटर्न दोहराया गया है। इसलिए सुनील गवास्कर का मानना है कि अभिषेक ने अपनी गलती से कोई सीख नहीं ली है। इसी वजह से उन्होंने दुनिया के नंबर एक टी-20 बल्लेबाज को बिठाने की सलाह दी है।
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अभिषेक को बिठाने का फैसला लेना बहुत कठिन है लेकिन उसने अपनी गलती से कोई सीख नहीं ली। जहां शॉट खेलने के लिए उसे पर्याप्त जगह नहीं मिल रही उसी क्षेत्र की गेंद पर बार-बार उसी तरह आउट हो रहा है। इसलिए गेंदबाज भी उसी जगह गेंद डाल रहे हैं। या तो वह अपनी सोच नहीं बदल रहा है या अभी तक अपनी गलती समझ नहीं पा रहा है।
इसलिए अभिषेक की जगह ईशान किशन को ओपनिंग में उतारने की सलाह गंभीर को दी। साथ ही रिंकू सिंह को टीम में वापस लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि संजू के साथ अभिषेक ओपनिंग करे। रिंकू में आत्मविश्वास की कमी नहीं है। उसे मौका दिया जाए तो वह फाइनल में चमक सकता है।
अब देखना यह है कि आखिरकार टीम मैनेजमेंट किस रास्ते पर चलता है।