नई दिल्ली : पश्चिम एशिया की स्थिति और जटिल हो रही है। रात में ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर और बड़े हमले की धमकी दी है। इसके जवाब में तेहरान ने भी पलटवार करने की बात कही है। ऐसी स्थिति में पश्चिम एशिया में फंसे भारतीयों के लिए विदेश मंत्रालय ने नया एडवाइजरी जारी किया है। उन्हें सतर्क रहने के साथ-साथ संबंधित देश के अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही उस देश में मौजूद भारतीय दूतावास से नियमित संपर्क बनाए रखने के लिए भी कहा गया है।
28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था। इसके चलते पूरे पश्चिम एशिया में तनाव फैल गया। सुरक्षा के मद्देनजर कई देशों ने हवाई अड्डे बंद कर दिए हैं। इससे वहां घूमने गए भारतीय फंस गए हैं। उन्हें देश वापस लाने के लिए भारत पहले ही विशेष उड़ान चला रहा है।
शनिवार रात को विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि अब तक 52,000 से अधिक भारतीयों को उन देशों से वापस लाया जा चुका है। अभी जो लोग फंसे हैं, उन्हें वापस लाने के लिए आने वाले दिनों में और उड़ानों (Flight) की योजना बनाई गई है।
चूंकि उन सभी देशों में वाणिज्यिक उड़ानें बंद हैं, इसलिए फंसे नागरिकों के लिए विशेष सतर्कता संदेश जारी किया गया है। वाणिज्यिक उड़ान कब उपलब्ध होंगी, इसकी जानकारी पाने के लिए वहां मौजूद भारतीय दूतावासों के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। शनिवार रात को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में मौजूद हर भारतीय दूतावास में हेल्पलाइन नंबर चालू कर दिया गया है। साथ ही स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक जानकारी देने के लिए विशेष कंट्रोल रूम भी खोला गया है।
फंसे हुए नागरिकों को सतर्क रहने, अनावश्यक बाहर घूमने से बचने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन के निर्देशों और दूतावास की सलाह का पालन करने की भी चेतावनी दी गई है।