नई दिल्ली: ‘आधे आसमान’ की बात कवि ने कही थी और भारतीय विमान सेवा ने उसे सच कर दिखाया है। उन्होंने महिला शक्ति का जयगान किया है। इंडिगो ने 1,000 से अधिक महिलाओं को पायलट के रूप में नियुक्त किया है। ऐसा करने वाली वह देश की पहली विमान सेवा बन गई है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर इंडिगो की ओर से यह जानकारी दी गई।
शनिवार को विमान सेवा की ओर से बताया गया कि इंडिगो ही पहली भारतीय कंपनी है जिसने यह माइलस्टोन हासिल किया है। जानकारी के अनुसार, इंडिगो में कुल पायलटों में 17.5 प्रतिशत महिलाएं हैं। कंपनी का कहना है कि यह संख्या दुनिया के औसत से लगभग तीन गुना अधिक है।
कंपनी ने यह भी बताया कि उसके कुल कर्मचारियों में महिलाओं की संख्या काफी अधिक है। बयान में कहा गया है कि कुल कर्मचारियों में लगभग 45 प्रतिशत महिलाएं हैं। कॉकपिट के बाहर भी हवाईअड्डा संचालन में 30 प्रतिशत से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर में लगभग 25 प्रतिशत, वित्त विभाग में 20 प्रतिशत से अधिक, डिजिटल विभाग में 15 प्रतिशत से अधिक और नेतृत्व के पदों पर 23 प्रतिशत से अधिक महिलाओं का प्रतिनिधित्व है। कंपनी के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं की नियुक्ति का कारण महिला-पुरुष समानता में उसका विश्वास है। इसी सोच के तहत विभिन्न पदों पर महिलाओं के लिए अवसर लगातार बढ़ाए जा रहे हैं।
इंडिगो के ग्रुप चीफ ह्यूमन रिसोर्सेस ऑफिसर सुखजीत सिंह पासरिचा ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हमें गर्व है कि इंडिगो में अब 1,000 से अधिक महिला पायलट हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक है। यह माइलस्टोन महिला शक्ति की भावना को दर्शाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिभाशाली महिलाओं के लिए विमानन क्षेत्र के भविष्य को आकार देने के लिए और अधिक अवसर तैयार करने के लिए कंपनी प्रतिबद्ध है।