🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

बिहार का अगला मुख्यमंत्री भाजपा से? मंत्रिमंडल में किस पार्टी को मिलेंगे कितने विभाग?

रामनवमी के आसपास के समय में ही बिहार के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण हो सकता है।

By Moumita Bhattacharya

Mar 08, 2026 10:46 IST

अगर आखिरी पलों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता है तो ऐसा पहली बार होगा जब बिहार में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कोई भाजपा विधायक बैठेगा। 26 मार्च को रामनवमी है। संभावना जतायी जा रही है कि उसके आसपास के समय में ही बिहार के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण हो सकता है।

यह दावा भाजपा सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में किया जा रहा है। बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री व जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया है। 16 मार्च को राज्यसभा का चुनाव होने वाला है। इस चुनाव में नीतीश कुमार के जीतने की ही प्रबल संभावना है। जदयू सूत्रों का दावा है कि अगर वह राज्यसभा का चुनाव जीत जाते हैं तो उसके बाद ही मुख्यमंत्री पद से वह इस्तीफा दे देंगे। लेकिन...

उससे पहले बिहार का नया मंत्रिमंडल कैसा होगा, इसका एक मसौदा भाजपा ने तैयार कर लिया है। सूत्रों का दावा है कि बिहार के नए मंत्रिमंडल में भाजपा और जदयू के बीच विभागों का बंटवारा समान रूप से करने का ही प्रस्ताव दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि दोनों पार्टियों के 15 मंत्रियों को मिलाकर मंत्रिमंडल का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी को 2, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम व जीतन राम माझी की पार्टी हाम को 1-1 पद मिल सकते हैं।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मसौदे में बिहार विधानसभा के स्पीकर पद को लेकर कोई योजना नहीं बतायी गयी है। इसकी प्रमुख वजह से तौर पर बतायी जाती है कि बिहार में मंत्रिमंडल के बंटवारे को लेकर एकमत तो है लेकिन विधानसभा स्पीकर पद को लेकर एकमत नहीं बन पा रहा है।

बताया जाता है कि जदयू की मांग है कि स्पीकर के पद पर भाजपा के प्रेम कुमार को हटाकर जदयू के किसी वरिष्ठ विधायक को बैठाया जाए। नीतीश कुमार की अनुपस्थिति में जदयू विधानसभा स्पीकर का पद अपने पास रखना चाहता है क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो किसी प्रतिकूल परिस्थिति में मामला नहीं संभाल पाने का खतरा बढ़ जाएगा।

वहीं भाजपा स्पीकर पद पर कोई बदलाव नहीं चाहती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिरकार स्पीकर के पद से क्या प्रेम कुमार को हटाया जाता है या फिर भाजपा की बात ही रह जाती है।

Prev Article
नीतीश कुमार के बेटे निशांत का उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ, अप्रैल में MLC चुनाव तय

Articles you may like: