बिहार की सियासत में एक बार फिर से बड़ी हलचल मच गयी है। बिहार की राजनीति में इस बात की सुगबुगाहट तेज हो रही है कि नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। इसे बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव कहा जा सकता है। पिछले 10 सालों से बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल रहे नीतीश कुमार (Nitish Kumar) अगर दिल्ली के रास्ते पर चलते हैं तो बिहार में क्या पावर ट्रांसफर होगा? क्या अब भाजपा का कोई नेता बिहार के मसनद पर बैठेगा? इस तरह की तमाम अटकलें लगायी जा रही हैं।
हालांकि अभी तक इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की गयी है लेकिन चर्चाएं तेज हैं कि आज (गुरुवार) को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नितिन नबीन (Nitin Nabin) के साथ ही नीतीश कुमार भी राज्यसभा का नामांकन दाखिल कर सकते हैं। ऐसे में अगर नीतीश कुमार राज्यसभा चले जाते हैं तो बिहार का मुख्यमंत्री कौन बनेगा? आज तक की मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर ऐसी परिस्थिति बनती है तो भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री और जदयू का कोई नेता डिप्टी सीएम बन सकता है।
बिहार में एनडीए की सरकार गठित होने के 6 महीने भी पूरे नहीं हुए हैं, उससे पहले ही नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने की सुगबुगाहट तेज हो गयी है। बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों पर चुनाव होने हैं। ऐसे में होली से पहले से ही जदयू से नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने की चर्चाएं होने लगी हैं।
मीडिया रिपोर्ट में बिहार सरकार में संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी के हवाले से बताया गया कि नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसपर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री ही लेंगे।
बेटे निशांत की होगी सक्रिय राजनीति में एंट्री
विजय कुमार चौधरी ने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का पद छोड़ते हैं तो उनका उत्तराधिकारी कौन बनेगा? लेकिन उन्होंने एक बार फिर से यह जरूर दोहराया कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत जल्द ही सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। बताया जाता है कि अगर नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ते हैं तो बिहार में सरकार का फिर से नए तरीके से गठन करना होगा। मुख्यमंत्री के पद छोड़ने पर सरकार को नए तरीके से फिर से गठित किया जाता है।
हो सकता है पावर ट्रांसफर
नीतीश कुमार अगर मुख्यमंत्री का पद छोड़कर राज्यसभा का पर्चा भरते हैं तो संभावना जतायी जा रही है कि बिहार की राजनीति में भाजपा और जदयू का समीकरण बदल जाए। वर्तमान की एनडीए सरकार में नीतीश कुमार (जदयू) के पास मुख्यमंत्री का पद है और भाजपा के कोटे से दो उपमुख्यमंत्री हैं।
अगर नीतीश कुमार दिल्ली की राह पकड़ते हैं तो सत्ता का हस्तांतरण तय ही माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि बिहार में मुख्यमंत्री की कुर्सी भाजपा के पास और जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। चर्चाएं हैं कि भाजपा की ओर से बिहार का अगला मुख्यमंत्री दिलीप जायसवाल, सम्राट चौधरी या फिर नित्यानंद राय में से कोई बन सकता है।
वहीं बात अगर उपमुख्यमंत्री की बात करें तो नीतीश कुमार उत्तराधीकारी के तौर पर नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाने की चर्चाएं भी तेज हो रही हैं। हालांकि डिप्टी सीएम की दूसरी कुर्सी किसे सौंपी जाएगी, इस सवाल का अभी तक जवाब नहीं मिल सका है?